बिहार सरकार ने 31 मई तक सभी डॉक्टर-नर्स की छुट्टियां कीं कैंसिल

बिहार सरकार ने 31 मई तक सभी डॉक्टर-नर्स की छुट्टियां कीं कैंसिल

पटना

बिहार सरकार ने 31 मई तक कोरोना वायरस की चुनौती से निपटने के लिए सभी डॉक्टर्स और नर्सेस की छुट्टी कैंसिल कर दी है. इतना ही नहीं सरकार ने दूसरे राज्यों से आने वाले सभी लोगों के लिए 21 दिनों का क्वारनटीन आवश्यक कर दिया है. इन सभी को राज्य की सीमा पर बनाए गए क्वारनटीन सेंटर में 21 दिनों तक रहना होगा. उसके बाद ही राज्य में घुसने दिया जाएगा. राज्य सरकार के नए निर्देश से स्पष्ट है कि वो जल्द ही दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी कामगार मजदूरों को वापस बुलाने वाली है. इसलिए एहतियातन सभी डॉक्टर्स और नर्सेस की छुट्टी कैंसिल कर दी गई है.

गुरुवार को गृह मंत्रालय ने दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों और छात्रों को वापस अपने राज्य में भेजने की मंजूरी दी है. जिसके बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि हमलोगों का आग्रह था और उस पर केंद्र सरकार ने सकारत्मक निर्णय किया है. इससे बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों में फंसे बिहार आने के इच्छुक प्रवासी मजदूर और छात्रों को वापसी कराने में सुविधा होगी.

इससे पहले बिहार सीएम नीतीश कुमार ने यह कहते हुए छात्रों को वापस बुलाने से मना कर दिया था कि पूरे देश में लॉकडाउन है. हमें केंद्र सरकार के आदेश का पालन करना चाहिए. वहीं यूपी समेत अन्य राज्यों द्वारा कोटा में फंसे छात्रों को वापस बुलाने पर सीएम नीतीश ने कहा था कि जब लॉकडाउन में गरीबों को नहीं बुलाया गया तो कोटा के संपन्न छात्रों के लिए बस क्यों भेजी जाए?


जेडीयू महासचिव केसी त्यागी ने शुक्रवार को आजतक से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्रियों के साथ पीएम मोदी की कई बैठकें हुई हैं. उसमें उनका स्पष्ट निर्देश था कि सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखें. साथ ही जो लोग जहां हैं वहीं ठहरे रहें. लेकिन कुछ अतिउत्साही लोगों ने उसे तोड़ने का प्रयास किया. जिसके बाद ऐसी स्थिति बनी की राजनीतिक दल अपनी रोटियां सेकने में लग गए.

केसी त्यागी ने कहा, 'मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक लगातार कहते रहे कि प्रधानमंत्री सभी राज्यों के लिए एक जैसा कानून बनाएं. ताकि जो लोग बाहर फंसे हैं उनको वापस लाया जा सके. मुझे प्रसन्नता है कि नीतीश कुमार के सुझाव पर गृह मंत्रालय ने अमल किया. मैं उनका धन्यवाद करना चाहता हूं. अब कुछ कठिनाइयों के साथ ही सही लेकिन बाहर फंसे मजदूरों और छात्रों को वापस बिहार लाने में आसानी होगी.'