बिहार में 43 फीसदी IAS अफसरों की कमी 

बिहार में 43 फीसदी IAS अफसरों की कमी 

पटना 
बिहार में भारतीय प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों के स्वीकृत 359 में से 157 पद रिक्त हैं। यानी 43 फीसदी आईएएस अफसरों की कमी है। केवल 202 पदों पर ही अधिकारी कार्यरत हैं। खाली पदों के कारण 14 आईएएस अधिकारी एक से अधिक विभागीय पदों पर कार्यरत हैं। खाली पदों पर आईएएस की नियुक्ति के लिए राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र लिखा है। अख्तरुल ईमान के तारांकित प्रश्न के जवाब में प्रभारी गृह मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने सोमवार को विधान सभा में यह जानकारी दी।

मंत्री ने कहा कि बिहार कैडर के लिए स्वीकृत 359 पदों में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए 78, प्रशिक्षण के लिए छह, राज्य प्रतिनियुक्ति के लिए 48 तो कनीय स्तर के 32 पद व प्रोन्नति कोटा के 109 पद हैं। अभी बिहार में कार्यरत 202 अधिकारियों में मुख्य सचिव स्तर के 11, प्रधान  सचिव स्तर  में 15, सचिव स्तर में 27, विशेष सचिव, अपर सचिव व संयुक्त सचिव स्तर में 118 और कनीय पद पर 31 आईएएस कार्यरत हैं। विभिन्न स्तरों के 31 पदाधकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। सिविल सेवा परीक्षा 2020 के आधार पर आईएएस के 54 पदाधिकारियों को आवंटित करने का अनुरोध केंद्र सरकार से किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रोन्नति कोटा के विरुद्ध चयन वर्ष 2018 के 22, चयन वर्ष 2019 के 15 और चयन वर्ष 2020 के 16 पदों पर नियुक्ति की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। प्रश्नकर्ता ने पूरक प्रश्न में जानना चाहा कि यूपी व बंगाल की तुलना में बिहार में आईएसस के अधिक पद क्यों रिक्त हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि रिक्त पदों को भरने की कार्रवाई चल रही है।