अब अकेले विदेश जा पाएंगी सऊदी महिलाएं

अब अकेले विदेश जा पाएंगी सऊदी महिलाएं

रियाद
सऊदी अरब ने 18 वर्ष से ज्यादा उम्र की महिलाओं को किसी पुरुष अभिभावक के बिना विदेश घूमने की अनुमति दे दी है। तेल भंडार से लबालब इस पश्चिम एशियाई देश ने यह फैसला शायद इसलिए लिया क्योंकि उसे अपनी महिला नागरिकों के प्रति गैर-इंसानी व्यवहार के कारण दुनियाभर के मानवाधिकार संगठनों की पाबंदियां झेलनी पड़ रही है।

क्या कहता है मौजूदा कानून?
बहरहाल, सऊदी अरब में महिलाओं की विदेश यात्रा को लेकर नया कानून बना चुका है जिसे इसी वर्ष लागू किए जाने की उम्मीद है। मौजूदा कानून के मुताबिक सऊदी अरब की किसी भी उम्र की महिला बिना किसी पुरुष संरक्षक के विदेश यात्रा पर नहीं जा सकती है। 21 साल के कम उम्र के पुरुषों के साथ भी यही नियम लागू है।

सऊदियों में बढ़ रही है स्वच्छंद जीवन की लालसा
सऊदी अरब अपने नागरिकों की विदेश यात्रा पर पाबंदियों में ढील देने का यह प्रस्ताव उस वक्त लाया है जब उसके शरणार्थियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की जा रही है। आंकड़े बताते हैं कि सात वर्षों में शरणार्थियों की संख्या चौगुनी हो गई है। 2012 में इनकी तादाद 195 थी जो 2017 में बढ़कर 815 तक पहुंच गई। हालांकि, पिछले वर्ष 2018 में इसमें थोड़ी सी गिरावट आई और यह आंकड़ा 794 पर पहुंच गया। सऊदी शरणार्थियों में पुरुष और महिलाएं, दोनों शामिल हैं। इससे पता चलता है कि सऊदी अरब के नागरिकों में उन्मुक्त जीवन जीने की लालसा बढ़ रही है।

कब-कब हुए सुधार
जुलाई 2012        ओलिंपिक में शामिल हुईं सऊदी अरब की महिला खिलाड़ी
जून 2013           सऊदी अरब में महिलाओं के लिए स्पोर्ट्स सेंटर का उद्घाटन
दिसंबर 2015       चुनावों में महिलाओं ने वोट डाले
फरवरी 2017      महिलाओं को स्वतंत्र पासपोर्ट दिया जाने लगा
मई 2017           महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य तक पहुंच बढ़ी
जुलाई 2017       महिलाओं के लिए शारीरिक शिक्षा का आगाज
जनवरी 2018      महिलाओं को स्टेडियम में प्रवेश को अनुमति
फरवरी 2018     महिलाओं को मिलिट्री जॉइन करने, अपना कारोबार शुरू करने की अनुमति
मार्च 2018        अबाया पहनना अनिवार्य नहीं रहा


अब भी बहुत दूर है समानता की मंजिल
धीरे-धीरे ही सही, लेकिन सऊदी अरब की महिलाओं को सभी क्षेत्रों में नहीं तो कुछ मामलों में तो पुरुषों जैसे अधिकार मिलने लगे हैं। फिर भी वहां महिलाओं पर कुछ कड़ी पाबंदियां लागू हैं, मसलन वे पुरुष की अनुमति के बिना विवाह नहीं कर सकतीं।