बिहार में कैबिनेट विस्तार मकर संक्रांति के बाद संभावित

बिहार में कैबिनेट विस्तार मकर संक्रांति के बाद संभावित

नई दिल्ली 
बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार के कैबिनेट विस्तार मकर संक्रांति के बाद संभावित है. मंत्रिमंडल विस्तार और विधान परिषद के लिए सीटों पर बंटवारे की चर्चा के बीच जेडीयू और बीजेपी के शीर्ष नेताओं के बीच दो अहम बैठक हुई. पहली बैठक बीजेपी के बिहार प्रभारी भूपेंद्र सिंह यादव और जेडीयू अध्यक्ष आरसीपी सिंह के बीच हुई, जबकि दूसरी बैठक बीजेपी नेताओं की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ हुई.

माना जा रहा है कि इस बैठक के जरिए जेडीयू और बीजेपी की खटास को दूर करने के साथ-साथ कैबिनेट और एमएलसी सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर आपसी सहमति बनाने की कवायद की गई है, क्योंकि जीतनराम मांझी ने भी मौके की नजाकत को देखते हुए एनडीए पर प्रेशर बनाना शुरू कर दिया है. 
 
जेडीयू और बीजेपी के दोनों शीर्ष नेताओं ने इस मुलाकात को औपचारिक बताया, लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दोनों ही पार्टी के नेताओं ने सिर्फ यही कहा कि कहीं कोई विवाद नहीं है और समय से सब कुछ हो समय से जाएगा. हालांकि यह कब होगा और इसके लिए वार्ता कब होगी इस पर किसी ने कुछ भी कहने से परहेज किया. हालांकि, बैठक के बाद जेडीयू और बीजेपी के दोनों नेता सिर्फ यही बताने में जुटे थे कि एनडीए में सब कुछ ऑल इज वेल है और बिहार में एनडीए की सरकार 5 साल तक मजबूती के साथ चलेगी.

बीजेपी प्रभारी भूपेंद्र यादव के कहा कि बिहार में बीजेपी, जेडीयू, हम और वीआईपी पार्टी की सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में मजबूती से चल रही है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि लोगों को कोरोना वैक्सीन देने के लिए बिहार समेत पूरे देश में मजबूती से तैयारी की जा रही है. जीतन राम मांझी की नई डिमांड पर जेडीयू ने जवाब दिया है. जेडीयू प्रमुख आरसीपी सिंह ने कहा कि सभी घटक दल के शीर्ष नेता बैठ कर इस पर फैसला करेंगे. दरअसल, मांझी ने मंत्रिमंडल में एक मंत्री पद और एक विधान परिषद सीट की डिमांड की है.