गृह विभाग ने जारी किया संकल्प, ड्यूटी के दौरान मृत्यु या स्थाई अपंगता पर आश्रित बन सकेंगे होमगार्ड
पटना
होमगार्ड की कर्तव्य के दौरान मृत्यु या दुर्घटना में स्थाई रूप से अपंग होने की सूरत में अब उनके आश्रित अनुकंपा के आधार पर होमगार्ड बन सकते हैं। अनुकंपा के आधार पर होमगार्ड में नामांकन की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। गृह विभाग द्वारा इसको लेकर संकल्प जारी कर दिया गया है। संकल्प के मुताबिक अनुकंपा के आधार पर होमगार्ड में नामांकन अब सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा तय नियम के तहत होंगे।
2006 से मिल रहा है लाभ
होमगार्ड (गृह रक्षक) में नामांकन का प्रावधान है। इसके तहत कर्तव्य के दौरान होमगार्ड की मृत्यु होने या दुर्घटना में स्थाई रूप से अपंगता की सूरत में पत्नी, पुत्र, अविवाहित पुत्री या पुत्र की विधवा जो होमगार्ड के रूप में नामांकन की पात्रता रखते हों उन्हें नामांकित किया जा सकता है। इसके लिए गृह विभाग द्वारा 2006 में संकल्प जारी किया गया है। अब तक इसी संकल्प के जरिए आश्रितों का नामांकन होमगार्ड में होता है। अब इसमें बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत यह आश्रितों को होमगार्ड में अनुकंपा के आधार पर नामांकन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आश्रितों के श्रेणीकरण एवं आवेदन समर्पित करने की प्रक्रिया के तहत लागू प्रावधान के तहत होंगे।
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