पटना। बिहार विधानसभां चुनाव के बीच पालीगंज में मतदान को बस सात दिन शेष हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजग उम्मीदवार जयवर्द्धन यादव और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भाकपा माले उम्मीदवार के पक्ष में सभा कर सियासी तापमान को बढ़ा दिया है। पालीगंज विधानसभा सीट पर इस बार एनडीए और महागठबंधन की टक्कर को लोजपा प्रत्याशी ने त्रिकोणीय बना दिया है। तीनों प्रमुख उम्मीदवार इलाके में अच्छी पकड़ रखते हैं। ऐसे में इस सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है। तीनों उम्मीदवार जातीय नाव और पार्टियों के कैडर वोटरों के भरोसे ताल ठोंक रहे हैं।
वर्ष 2015 में एनडीए से भाजपा और महागठबंधन से राजद प्रत्याशी के बीच मुकाबला आमने-सामने का था, लेकिन इस बार परिस्थिति कुछ अलग है। यहां एनडीए और महागठबंधन के घटक दलों ने इस बार अपनी-अपनी सीट बदल ली है। भाजपा ने अपनी सीट जदयू को दे दी है, जिसके उम्मीदवार राजद छोड़ जदयू में शामिल हुए वर्तमान विधायक जयवर्द्धन यादव है। वहीं राजद ने अपनी इस परंपरागत सीट भाकपा माले को दी है। इसके उम्मीदवार संदीप सौरभ हैं। लोजपा इस बार एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ रहा है। उसने भाजपा छोड़ लोजपा में आई डॉ. उषा विद्यार्थी को उम्मीदवार बनाकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
डॉ. उषा विद्यार्थी ने मैदान में उतरकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
दरअसल, जदयू और माले उम्मीदवार दोनों यादव हैं। ऐसे में यहां के बहुसंख्यक यादव मतदाताओं के वोटों का बंटवारा स्पष्ट दिख रहा है। वहीं, भूमिहार समाज से आने वाली डॉ. उषा विद्यार्थी ने यहां से मैदान में उतरकर भाजपा के परंपरागत वोट में सेंधमारी की है। उसे एक नया विकल्प दे दिया है। ऐसे में एनडीए के वोट का भी बिखराव दिख रहा है। हालांकि, वर्तमान विधायक व जदयू प्रत्याशी जयवर्द्धन यादव को इलाके में किए गए कार्य का भरोसा है। वह दिन-रात गांवों का दौरा कर रहे हैं। महागठबंधन के प्रत्याशी संदीप सौरभ को अपने कैडर वोट के साथ-साथ महागठबंधन के घटक दलों के मतदाताओं पर भी भरोसा है।
पालीगंज विधानसभा एक नजर में
कुल मतदाता- 2,81,370
पुरुष मतदाता- 1,41,479
महिला मतदाता- 1,39,885