बारिश काल बनकर बरसी: रायगढ़ जिले में भूस्खलन से 36 की मौत, 30 मलबे में दबे, बचाव कार्य जारी 

बारिश काल बनकर बरसी: रायगढ़ जिले में भूस्खलन से 36 की मौत, 30 मलबे में दबे, बचाव कार्य जारी 

 मुंबई 
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में बारिश काल बनकर बरसी है। गुरुवार से शुरू हुई बारिश के चलते हुए भूस्खलन में रायगढ़ की महाड़ तहसील अब तक 36 लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा अब भी 30 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। इलाके में बीते दो दिनों से रोड और रेल नेटवर्क बाधित है। आवाजाही ठप होने और कनेक्टिविटी न रहने के चलते राहत और बचाव कार्य में भी मुश्किल आ रही है। पुलिस का कहना है कि महाड़ तहसील के तलाई गांव समेत तीन अलग-अलग घटनाओं में ये मौतें हुई हैं। अकेले तलाई गांव से ही अब तक 32 शव निकाले जा चुके हैं। इसके अलावा साक्षरसुतारवाड़ी गांव से 4 शव निकाले गए हैं।

बचाव कार्य में लगे अधिकारियों का कहना है कि इन गांवों से अब तक 15 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। लेकिन अब भी 30 से ज्यादा लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। इसके चलते मौतों का आंकड़ा बढ़ने का भी डर है। इस बीच होम मिनिस्टर अमित शाह और पीएम नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे से बात की है और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है। इस बीच एनडीआरएफ की टीमें पहुंच गई हैं और बचाव कार्य जारी है। इसके अलावा कुछ इलाकों में एयरफोर्स को भी बचाव कार्य में लगाया गया है। एयरफोर्स ने कई लोगों को एयरलिफ्ट करके निकाला भी है।  

पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार दोपहर को महाराष्ट्र में हुई घटनाओं को लेकर ट्वीट भी किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने लिखा, 'रायगढ़ में भूस्खलन के चलते लोगों के मरने से दुख हुआ है। इस हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले लोगों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।' इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र में भारी बारिश के चलते पैदा हुए हालात की निगरानी की जा रही है और प्रभावितों को हरसंभव मदद दी जाएगी। मुंबई से करीब 160 किलोमीटर की दूरी पर स्थित महाड में एनडीआरएफ की टीमें पहुंच गई हैं। खुद सीएम उद्धव ठाकरे हालात का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने हालात की समीक्षा करने के बाद स्थानीय प्रशासन से भी बात की है।