50 हजार से ज्यादा की आबादी बाढ़ प्रभावित, नेपाल से आती पहाड़ी नदियों ने बिहार में मचाई तबाही

50 हजार से ज्यादा की आबादी बाढ़ प्रभावित, नेपाल से आती पहाड़ी नदियों ने बिहार में मचाई तबाही

मुजफ्फरपुर 
नेपाल और उत्तर बिहार में 24 घंटे से हो रही आफत वाली भारी बारिश से क्षेत्र की सभी नदियों में उफान आ गया है। नेपाल से आतीं अन्य छोटी पहाड़ी नदिया तबाही मचा रही हैं। कई शहरी इलाके भी बाढ़ से प्रभावित हो गये हैं। इलाके की प्रमुख नदियों के तटबंधों और रिंग बांधों पर खतरा बढ़ चला है। बारिश ने ग्रामीण इलाकों में कोहराम मचा रखा है। बारिश की वजह से आई बाढ़ से 7 जिलों की करीब 50 हजार से ज्यादा की आबादी प्रभावित हुई है। 

पूर्वी व पश्चिम चंपारण में गंडक, बूढ़ी गंडक के साथ साथ नेपाल की नदियां तबाही मचा रही हैं। सोमवार को लौरिया-नरकटियागंज पथ में अशोक स्तंभ के पास डायवर्सन बह जाने से इस मार्ग में आवागमन ठप हो गया। लौरिया में अशोक स्तंभ सोमवार को टापू बना नजर आया। चारों तरफ सिकरहना का पानी फैल गया है। इस ऐतिहासिक परिसर में अभी किसी का आना जाना मुश्किल हो गया है। 

सिकटा में धर्मपुर गांव के समीप त्रिवेणी नहर का उत्तरी तटबंध टूट गया जिससे पानी आसपास के गांवों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। वाल्मीकिनगर बराज से 2.35 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंडक का पानी वाल्मीकिनगर के एसएसबी कैंप सहित चार गांव में घुस गया है। इधर, मोतिहारी के बसवरिया गांव को भोरहर व कवैया आदि गांव से जोड़ने वाली सड़क की नवनिर्मित पुलिया दोपहर में टूट गई। यह पुलिया नेपाल से आने वाली अरुणा नदी का दबाव नहीं झेल पायी।

सीतामढ़ी सदर अस्पताल परिसर में भी दो से तीन फीट तक पानी 
सीतामढ़ी में कोर्ट बाजार, मेन रोड सहित रिहायशी इलाकों में जलजमाव का संकट पैदा हो गया है तो डुमरा स्थित मंडल कारा व सदर अस्पताल परिसर में भी दो से तीन फीट तक पानी चढ़ गया है। सीतामढ़ी में बागमती, अधवारा सहित तमाम नदियों का जलस्तर खतरे के करीब है। बागमती से बेलसर में कंसार गांव के निकट बांध में कटाव शुरू हो गया है।

50 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित 
दरभंगा के असराहा, खिरमा, असराहा-हाजीपुर, खिरमा-बरही व ननौरा-महमदपुर मार्ग पर चार फीट पानी चढ़ गया है। वहीं शिवहर में पानी भरे गड्ढे में डूबने से पुरनहिया गांव में तीन बच्चियों की मौत हो गई है। घटना से गांव में कोहराम मचा है। मधुबनी में बैंगरा-माधोपुर-कमलावाड़ी सड़क का संपर्क अन्य भागों से कट गया है। 24 घंटे में बेतिया, मोतिहारी, दरभंगा, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी व मुजफ्फरपुर जिले की करीब 50 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। नदियों के रुख को देखते हुए जल संसाधन विभाग व आपदा विभाग की टीमों को अलर्ट कर दिया गया है।  

पिलखी पुल का एप्रोच रोड टूटने से कई जिले प्रभावित :
मुजफ्फरपुर के मुरौल में पिलखी पुल के एप्रोच रोड का एक किनारा ध्वस्त हो गया। ग्रामीणों ने बांस बल्ला से खतरनाक स्पॉट को घेर दिया है। यदि एप्रोच पथ पूरी तरह कटा तो सकरा व मुरौल से मधुबनी ,सीतामढी और दरभंगा जिले के साथ बंदरा ,कटरा और गायघाट का भी संपर्क टूट जाएगा। जिले में बागमती, बूढ़ी गंडक, गंडक व लखनदेई ऊफना रहीं है, जिससे दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। अधिकांश लोगों ने अपना घर छोड़ बांध या सड़क पर शरण ले रहे हैं।