भागलपुर के 74 गांवों में कालाजार उन्मूलन को लेकर चलेगा अभियान
भागलपुर
कालाजार से बचाव को लेकर अभियान तेज हो गया है। जिले के 74 गांवों में कालाजार उन्मूलन के लिए अभियान चलाया जाएगा। पीरपैंती, कहलगांव, सन्हौला आदि प्रखंडों के गांव ज्यादा प्रभावित हैं। शहरी क्षेत्र में बरारी व हुसैनाबाद भी इस सूची में है। सरकार गांवों में सिंथेटिक पाइराथाइराइड का छिड़काव कराएगी। इसके लिए 17 टीमें बनायी गयी हैं। हर टीम में छह-छह स्वास्थ्यकर्मी रहेंगे। जो प्रभावित गांवों में जाकर घरों की दीवार में छिड़काव करेंगे।
पीरपैंती में 20, कहलगांव में 13, इस्माईलपुर में तीन, गोपालपुर में चार, खरीक में छह, नारायणपुर में चार, रंगरा में तीन, सुल्तानगंज में पांच, शाहकुंड में चार, सन्हौला में आठ, सबौर व गोराडीह में एक-एक और शहरी क्षेत्र के बरारी व हुसैनाबाद कालाजार से प्रभावित गांव हैं।
जिले में 38 लोग कालाजार से पीड़ित
भागलपुर में कालाजार से पीड़ित लोगों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. केबी पटेल ने बताया कि 2017 में 54 लोग प्रभावित थे जो अब घटकर 38 पर आ गया है। सरकार ने कालाजार उन्मूलन ने लिए 12 पीएससी व शहरी क्षेत्र दो जगहों पर पानी में घोलकर सिंथेटिक पाइराथाइराइड का छिड़काव एक अभियान के तहत करवा रही है।
20 मार्च से 60 दिनों तक चलेगा अभियान
कालाजार के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। प्रभावित गांवों में 20 मार्च से दो माह तक कालाजार उन्मूलन का अभियान चलेगा। इस दौरान गांव के हर एक घरों में छिड़काव किया जायेगा। नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. पटेल ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मी सभी से घरों में जायेंगे। इसमें ग्रामीणों को भी थोड़ा सहयोग करना होगा। उनके घर से सामान हटाकर ही छिड़काव किया जायेगा। इस दौरान गृहस्वामी की जरूरत पड़ेगी। कुछ दिन इसके लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है।
ऐसे फैलता है रोग
कालाजार रोग लिशमेनिया डोनी नामक रोगाणु के कारण होता है। जो बालू मक्खी काटने से फैलता है। साथ ही यह रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी प्रवेश कर जाता है। दो सप्ताह से अधिक बुखार व अन्य विपरीत लक्षण शरीर में महसूस होने पर अविलंब जांच कराना इसमें जरूरी है।
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