1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर कैश पेमेंट बंद, अब FASTag या UPI से ही देना होगा शुल्क
नई दिल्ली। देशभर के टोल प्लाजा अब पूरी तरह डिजिटल होने जा रहे हैं। 1 अप्रैल से नेशनल हाईवे के सभी टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। अब वाहन चालकों को टोल शुल्क का भुगतान केवल FASTag या UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से ही करना होगा।
कैश लेनदेन की वजह से ट्रैफिक जाम
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अनुसार, देश के 1,000 से अधिक टोल प्लाजा पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम पहले से लागू है। कैश लेनदेन की वजह से टोल प्लाजा पर अक्सर ट्रैफिक जाम, लंबी कतारें और छुट्टे पैसों को लेकर विवाद की स्थिति बन जाती है। डिजिटल भुगतान अनिवार्य होने से इन समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
FASTag नहीं तो देना होगा ज्यादा
NHAI के आंकड़ों के मुताबिक, 98% से अधिक वाहनों में FASTag लगा हुआ है। यदि कोई वाहन बिना एक्टिव FASTag के FASTag लेन में प्रवेश करता है और नकद भुगतान करता है, तो उससे दोगुना टोल शुल्क वसूला जाता है। वहीं, UPI के जरिए भुगतान करने पर लागू टोल दर का 1.25 गुना शुल्क देना होगा। इसका मकसद डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा देना और टोल प्लाजा पर रुकावट को कम करना है।
FASTag वार्षिक पास को पसंद कर रहे हैं लोग
FASTag एनुअल पास को लोगों ने काफी पसंद किया है। लॉन्च के सिर्फ छह महीनों में इसके 50 लाख से ज्यादा यूजर जुड़ चुके हैं। अब तक इस पास के जरिए 26.55 करोड़ से अधिक लेनदेन दर्ज किए जा चुके हैं। यह एनुअल पास 3,000 रुपये में एक साल या 200 टोल प्लाजा क्रॉसिंग के लिए वैध होता है, जिससे बार-बार रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ती।
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