बिहार में वायु और जल प्रदूषण फैला रहीं रेलवे की ये आठ साइटें, राज्य सरकार ने रेलवे बोर्ड को लिखी चिट्ठी

बिहार में वायु और जल प्रदूषण फैला रहीं रेलवे की ये आठ साइटें, राज्य सरकार ने रेलवे बोर्ड को लिखी चिट्ठी

पटना                                                    
बिहार में रेलवे की आठ साइटें वायु और जल प्रदूषण फैला रही हैं। यह वो रैक प्वाइंट हैं जहां पर सामान की मालगाड़ियों से लोडिंग-अनलोडिंग होती है। इस काम में पर्यावरण संबंधी टूट रहे हैं। राज्य सरकार ने इसे लेकर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा बार-बार कहने और लिखने के बावजूद रेलवे के स्थानीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। चेयरमैन से इस संबंध में प्रभावी कदम उठाने को कहा गया है।

राज्य के विभिन्न जिलों में रेलवे के आठ स्टेशन फिलहाल प्रदूषण के कारण परेशानी का कारण बने हुए हैं। इनमें पूर्व मध्य रेलवे या उत्तर पूर्वी रेलवे के तहत आने वाले मुजफ्फरपुर, रक्सौल, सीतामढ़ी, मोतिहारी, जनकपुर रोड, कांटी, हथुआ और खजौली स्टेशन शामिल हैं। इन स्थानों पर तमाम दूसरे सामानों के साथ ही निर्माण सामग्री की भी लोडिंग-अनलोडिंग होती है। इसमें बालू, पत्थर, क्लिंकर, जिप्सम, कोयला, फ्लाई एश, लोहा, स्टील सहित अन्य सामग्री शामिल है। रेलवे रैक से उतारने के बाद फिर इन्हें ट्रकों और डंफरों में लोड करके निर्धारित स्थान पर ले जाया जाता है।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह ने इस संबंध में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को भेजे पत्र में कहा है कि इस पूरी प्रक्रिया में हर कदम पर भारी प्रदूषण होता है। वायु और जल प्रदूषण से संबंधित एक्ट की उन धाराओं का भी उल्लेख किया गया है, जिनका उल्लंखन किया जा रहा है। इसका लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। विभाग को इस संबंध में लगातार शिकायतें भी प्राप्त हो रही हैं।

प्रदूषण के साथ सड़कें भी हो रही क्षतिग्रस्त
रेलवे रैक से उतारने से लेकर उसे ट्रकों, डंफरों और ट्रैक्टरों में लोड करके ले जाने के दौरान मानकों का पालन नहीं हो रहा है। सामान उतारे जाने वाले स्थान पर सफाई की स्थिति खराब है। बिना ढंके और पानी का छिड़काव किए बिना ले जाने के चलते रास्तेभर बालू और दूसरी सामग्री उड़ती है। इससे वायुमंडल प्रदूषित हो रहा है। पत्र में कहा है कि इन भारी वाहनों के कारण राज्य की सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। इससे प्रदूषण और बढ़ जाता है।

हाईकोर्ट ने दिए थे रक्सौल साइट की शिफ्टिंग के आदेश
राज्य सरकार ने पत्र में पटना हाईकोर्ट द्वारा मुकेश कुमार अग्रवाल बनाम यूनियन ऑफ इंडिया (सीडब्ल्यूजेसी संख्या 15883 वर्ष 2016) में दिए आदेश का भी उल्लेख किया है। इसमें हाईकोर्ट ने 25 अगस्त 2017 को पूर्वी चंपारण स्थित रक्सौल की साइट को तय समयसीमा में शिफ्ट करने का आदेश दिया था। मगर यह अभी तक लंबित है। इसके अलावा राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा इस संबंध में रेलवे अधिकारियों से लगातार किए जा रहे पत्र व्यवहार का ब्योरा भी चेयरमैन को भेजा गया है।

रेलवे की आठ साइटों पर होने वाले प्रदूषण को लेकर लगातार डीआरएम और फिर जीएम हाजीपुर को लिखा गया है। कोई कार्रवाई न होने पर राज्य सरकार की ओर से रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को पत्र भेजकर प्रभावी कदम उठाने को कहा गया है।
- आलोक कुमार, सदस्य सचिव, राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद