चुनाव आयोग रैलियों में जुट रही भीड़ पर सख्त, ले सकता है एक्शन
नई दिल्ली
चुनाव आयोग ने बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान सामजिक दूरी के नियमों का उल्लंघन किए जाने और इससे संबंधित दिशा-निर्देशों की अवहेलना को गंभीरता से लिया है। नेताओं द्वारा बिना मास्क पहने जनसभाओं को संबोधित करने के वीडियो वायरल हुए हैं।
सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर की पार्टियों के अध्यक्षों और महासचिवों को जारी परामर्श में आयोग ने कहा है कि संबद्ध उम्मीदवारों एवं इस तरह के उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार आयोजकों के खिलाफ मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) तथा जिला प्रशासन को दंडनीय कार्यवाही करनी चाहिए। आयोग ने कहा कि दिशा-निर्देशों के अनुपालन के लिए अलग-अलग निर्देश सीईओ और चुनावी राज्यों की सरकारों को जारी किया जा रहा है। आयोग ने कहा कि उसके संज्ञान में इस तरह की जनसभाओं के दृष्टांत आए हैं, जिनमें सामाजिक दूरी के नियमों का उल्लंघन करते हुए भारी भीड़ जमा थी और नेता तथा चुनाव प्रचारक बगैर मास्क पहने भीड़ को संबोधित कर रहे थे। ऐसा आयोग के दिशा-निर्देशों अवहेलना करते हुए किया गया। आयोग ने कहा कि ऐसा करके राजनीतिक दल खुद को तथा रैलियों और सभाओं में एकत्रित जनसमूह को कोरोना संक्रमण के खतरे में डाल रहे हैं। आयोग ने यह जिक्र किया है कि निर्वाचन प्रक्रिया में सबसे अहम हितधारक होने के नाते पार्टियां चुनाव कराने के लिए आयोग द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करने के प्रति कर्तव्यबद्ध हैं।
आयोग ने अगस्त में जारी दिशा-निर्देशों का जिक्र करते हुए चेतावनी दी, 'चुनाव प्रचार के दौरान निर्देशों का पालन नहीं किए जाने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के प्रावधानों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। परामर्श में कहा गया है कि आयोग ने जमीनी स्तर पर भीड़ को अनुशासित रखने के संदर्भ में राजनीतिक पार्टियों और उम्मीदवारों की ओर से बरती गई लापरवाही पर गंभीर संज्ञान लिया है। इसलिए वह इस बात को दोहराता है और परामर्श देता है कि वे चुनाव प्रचार करने के दौरान अत्यधिक सतर्कता एवं सावधानी बरतें।
आयोग का परामर्श प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोगों से मास्क पहनने, खासतौर पर त्योहारों के मौसम में, सहित कोविड के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किए जाने के एक दिन बाद आया है। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इस मामले पर विशेषज्ञों के एक दल को बुधवार को बिहार भेजा है।
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