मंडला का नाम माहिष्मती नगरी किए जाने की आशंका के चलते गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने किया जोरदार विरोध प्रदर्शन
मंडला का नाम माहिष्मती नगरी किए जाने की आशंका के चलते गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने किया जोरदार विरोध प्रदर्शन
जिला प्रशासन ने स्पष्टीकरण जारी कर नाम बदलने की चर्चा को बताया अफवाह

Syed Imtiyaz Ali
मंडला - गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने जिला मुख्यालय में एक बड़ी रैली का आयोजन किया। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने मंडला का नाम बदलने की आशंका के चलते विरोध प्रदर्शन किया। गोंडवाना का कहना है कि मंडला का नाम बदलकर माहिष्मती करने की योजना बनाई गई है जिसका गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने विरोध किया है। हालांकि गोंडवाना के आंदोलन के एक दिन पहले ही जिला प्रशासन ने स्पष्टीकरण जारी किया था कि मंडला का नाम बदलने की केवल अफवाह है, इस तरह की किसी प्रकार की कोई योजना प्रस्तावित नहीं है। बावजूद इसके गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने इसे गोंडवाना अस्तित्व की बात बनाते हुए मंडला में बड़ा आंदोलन कर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। दरअसल कुछ दिनों पहले नर्मदा तट स्थित सहस्त्र धारा में सहस्त्रबाहु जयंती के दिन प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल और मंडला विधायक व पीएचई मंत्री श्रीमती श्रीमती सम्पतिया उइके कलचुरी समाज के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान मंच से मंडला का ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व का जिक्र करते हुए माहिष्मती नगरी को लेकर बात कही गई थी। इसी को आधार मानकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने मंडला का नाम बदलने की साजिश करार दिया और इसी के विरोध में आज आंदोलन कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। हजारों की संख्या में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यकर्ता मंडला में एकत्र हुए और निषाद राज भवन के सामने आम सभा के बाद रैली निकाल कर बैगा - बेगी चौक पहुंचे जहां ज्ञापन देकर कार्यक्रम का समापन हुआ। इस कार्यक्रम में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर सिंह मरकाम व प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर कमलेश तेकाम सहित बड़ी संख्या में नेता व कार्यकर्त्ता शामिल थे। हालांकि इस दौरान अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी राजेंद्र सिंह भी स्पष्ट किया कि मंडल का नाम बदलने की कोई योजना नहीं है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था।

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर कमलेश तेकाम ने बताया कि करीब दो माह पहले नर्मदा किनारे सहस्त्र धारा नामक स्थान है जिसमें सहस्त्रबाहु का इतिहास लिखा गया है। जहां पर मंदिर है और वह गोंडवाना कालीन का मंदिर है। वहां पर कलचुरी समाज की एक बैठक हुई जिसमें प्रभारी मंत्री को भी आमंत्रित किया गया और सम्पतिया उइके कैबिनेट मंत्री हैं वहां पर प्रशासन व मीडिया सभी की उपस्थिति में यह बात रखी गई। सोशल मीडिया में भाजपा के ही एक व्यक्ति ने भी कुछ अपने इतिहास के बारे में जानकारी दिया तो और मंडला का नाम परिवर्तित किया जाना ऐसा प्रस्तावित हुआ और सोशल मीडिया में भी मुख्यमंत्री तक यह बात पहुंचाने की बात कही गई। उसी को देखते हुए जो गोंडवाना इतिहास के और गोंडवाना समाज के पूरे काम से कम 10 जिले और चार प्रान्त के लोग उपस्थित होकर जोरदार विरोध किया। समाज का कहना है कि मंडला का नाम परिवर्तित नहीं होने देंगे। हमारी प्रशासन के साथ बैठक हुई उस बैठक में भी हमने कहा जिस दिन मंच से यह बात कही गई मंत्री और प्रभारी मंत्री का जो वीडियो वायरल हुआ। उसी दिन कलेक्टर की आईडी से हमारे पास भी प्रूफ है कि प्रशासन ने मंडला का नाम माहिष्मती करने का ऐसा मामला आया है। कल बैठक के बाद जिला प्रशासन ने स्पष्टीकरण जारी किया है। यह स्पष्टीकरण दो माह पहले भी जारी किया जा सकता था। जब ऐसी सुझबुगाहट चल रही थी पूरे समाज के द्वारा तो ऐसा तो नहीं है कि प्रशासन को जानकारी ना हो। आंदोलन के एक दिन पहले ऐसा क्यों किया गया। जो लिखा गया है वह तथ्यात्मक नहीं है। हमारे हिसाब से जिस दिन वह कार्यक्रम हुआ और यह प्रस्ताव किया गया उस दिन कलेक्टर और जनसंपर्क की आईडी से ऐसे समाचार प्रकाशित हुए।

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर सिंह मरकाम ने कहा कि जिस तरीके से हमारे मंत्री महोदय जी का वायरल हुआ। वीडियो वायरल होने के बाद हमे भी, निश्चित रूप से मंडला में तो नाम परिवर्तित होते रहे हैं। नाम नगर - रामनगर, दुर्गावती पार्क - रेवांचल पार्क आपके सामने ही है। वो चाहते है गोंडवाना की विरासत, गोंडवाना के इतिहास को खत्म करने का प्रयास है। मंडला का नाम मिटाकर माहिष्मति नगर करना चाहते हैं। प्रशासन द्वारा जो वीडियो वायरल हुआ है वह रैली के बाद। जब हमने धरना प्रदर्शन का ज्ञापन दिया है उसके बाद स्पष्टीकरण दिया है कि ऐसा नहीं है। हम यह जान रहे है यह जो दबाव शासन - प्रशासन मिलकर के हमारे घर किले हमारे जितना भी गोंडवाना का इतिहास है, उसको मिटाने का प्रयास भारतीय जनता पार्टी की सरकार कर रही है। जिस तरीका कृत्य हमारे साथ किया जा रहा है उसे कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

तो वहीं जिले के अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि गोंडवाना गणपत पार्टी ने आज जो ज्ञापन सौंपा है इसका मुख्य मुद्दा है कि मंडला जिले का नाम माहिष्मति नगर न किया जाए। ऑफीशियली इस तरह की कोई कार्रवाई चल भी नहीं रही है। कल उसका स्पष्टीकरण भी जारी हो गया है। ऑफीशियली ऐसी कोई कार्रवाई नहीं चल रही है। ज्ञापन दे दिया है और धीरे-धीरे सभी रवाना हो गए हैं।
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