कोरोना इफेक्ट: बिहार में 8वीं तक के 2 करोड़ बच्चे अगली कक्षा में प्रमोट
पटना
बिहार के 72 हजार सरकारी प्राथमिक व मिडिल स्कूलों के विद्यार्थी बिना परीक्षा लिए ही अगली कक्षा में प्रमोट कर दिए गए हैं। कोरोना संक्रमण को लेकर इन बच्चों की वार्षिक सह मूल्यांकन परीक्षा नहीं ली जा सकी थी। शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर मंगलवार को शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने अपनी मुहर लगा दी। अब बस अधिसूचना भर निकलने की औपचारिकता शेष रह गयी है।
शिक्षा विभाग के इस निर्णय के बाद राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में पढ़ने वाले पहली से आठवीं कक्षा के करीब दो करोड़ बच्चों को अब वार्षिक सह मूल्यांकन परीक्षा नहीं देनी होगी। लॉकडाउन के बाद जब भी विद्यालय खुलेगा, ये बच्चे अपनी-अपनी अगली कक्षा में चले जायेंगे। श्री वर्मा ने बताया कि विभाग ने बच्चों के भविष्य को देखते हुए यह फैसला किया है ताकि कोरोना महामारी का असर प्रदेश के नौनिहालों के शैक्षिक सत्र पर न पड़े।
गौरतलब हो कि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने प्रारंभिक विद्यालयों में वार्षिक सह मूल्यांकन परीक्षा की तिथि मार्च माह में तय की थी। कक्षा 5 एवं 8 की परीक्षा 16 मार्च से जबकि कक्षा एक से चार और कक्षा छह-सात की वार्षिक सह मूल्यांकन परीक्षा 26 मार्च से होनी थी। लेकिन कोरोना संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश से राज्यभर के स्कूल 13 मार्च से ही बंद कर दिए गए। इसके बाद सबसे पहले सीबीएसई बोर्ड ने अपने बच्चों को बिना परीक्षा लिए अगली कक्षा में प्रमोट करने का निर्णय किया। उसके बाद बिहार सरकार ने भी इसपर मंथन आरंभ कर दिया था।
आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने सबसे पहले यह खबर छापी थी कि ‘बिना परीक्षा लिए आठवीं तक के बच्चे किए जाएंगे प्रमोट’, और अब इसपर मंगलवार की शाम मुहर लग गयी।
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