लॉकडाउन में सक्रिय हो गए हैं साइबर अपराधी, पटना में तेजी से बढ़ीं घटनाएं
पटना
लॉक डाउन में साइबर अपराधियों ने अपना दायरा बढ़ा दिया है। पटना में 22 मार्च के बाद से दो दर्जन से अधिक मामले सामने आए हैं। कोई कोरोना राहत के नाम पर ठगी का प्रयास कर रहा है तो कोई कैश बैक के नाम पर। तेजी से बढ़ रहीं घटनाओं में पुलिस से भी मदद नहीं मिल पा रही है, क्योंकि पुलिस लॉक डाउन का पालन कराने में लगी है। पटना में लॉक डाउन के बीच सामने आई घटनाओं में सबसे अधिक आपदा राहत कोष के साथ रिचार्ज के नाम पर ठगी के मामले हैं। एसएसपी ने थानेदारों को कार्रवाई का निर्देश दिया है, साथ ही लोगों से जागरुक रहने की बात कही है।
कोरोना की मार के बीच जेब पर वार
कोरोना की मार के बीच साइबर अपराधियों ने जेब पर वार करना शुरू कर दिया है। कोरोना की जंग लड़ रहे भारत को बचाने को लेकर पीएम के अपील करते ही देश के बड़े-बड़े लोग दान देने लगे। इससे प्रोत्साहित होकर पटना से भी लोग अधिक संख्या में दान देने की कतार में आ गए। यह साइबर अपराधियों के लिए अच्छा मौका था। वह सक्रिय हो गए और प्रधानमंत्री राहत कोष के नाम पर ठगी का जाल डालने लगे। गृह मंत्रालय ने भी ऐसी घटनाओं को लेकर अगाह किया, लेकिन इसके बाद भी असर नहीं पड़ा।
सोशल मीडिया से कर रहे फ्रॉड
साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि पटना में अचानक से मामले बढ़े हैं। साइबर अपराधी फेसबुक और सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफार्म व वेबसाइटों से लोगों पर नजर रखते हैं। कोरोना के नाम पर गूगल पे-फोने, यूपीआई, पीएम रिलीफ फंड और अन्य अप्रत्याशित और असाधारण शातिर तरीकों से ठगी की जा रही है। कोरोना वायरस के चलते लॉक डाउन की स्थिति में ठगी करने वाले भी सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक सक्रिय हो गए हैं।
पीएम केयर के नाम पर ठगी का प्रयास
सुशील कुमार प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। बार-बार उनके मोबाइल पर मैसेज आ रहा था कि कोरोना को लेकर देश में संकट की स्थित है। ऐसे में अधिक से अधिक रकम सहयोग के रूप में दें। इस पर उन्होंने बार-बार आ रर्हे ंलक को क्लिक किया तो बैंक से संबंधित जानकारी मांगने लगे। इससे उन्हें लगा कि साइट फर्जी है। बाद में चेक करने पर सब सामने आ गया और वह बाल-बाल बच गए।
पे फोन के नाम पर ठगी का प्रयास
पटना के मनीष कुमार लॉक डाउन के दौरान अधिक से अधिक पे फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। इस बीच एक साइबर ठग ने फोन किया और पे फोन में कैश बैक का लालच देकर ठगी का प्रयास करने लगा, पहले तो मनीष को लगा कि पे फोन की तरफ से फोन किया गया है, लेकिन बाद में वह इस चाल को भांप गए और किसी तरह से ठगी का शिकार होने से बच गए।
ऐसे बरतें सावधानी
- पीएम केयर या अन्य किसी कोष में दान के लिए सरकार की वेबसाइट का इस्तेमाल करें।
- फंड ट्रांसफर करने से पहले जिसे पैसा देना है, उसके बारे में जान लें।
- किसी भी ई-कॉमर्स साइट पर अपने कार्ड की डिटेल कभी सेव नहीं करें।
- कोरोना के नाम पर आए किसी भी अनजाने ई-मेल पर अपना सेंसेटिव इंफॉर्मेशन नहीं शेयर करें।
- कोरोना वायरस से संबंधित किसी भी खबर पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।
- हमेशा अपने विश्वसनीय स्रोत से तथ्य साझा करें।
- लगे कि आपके साथ किसी भी प्रकार की ठगी की कोशिश हुई तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
पीएएमओ का अधिकारी बन किया फोन
कंकड़बाग की रहने वाली एक महिला के पास पीएमओ कार्यालय का अधिकारी बनकर साइबर अपराधी ने फोन किया। वह छह हजार रुपए भेजने की बात कहकर फंसाने का प्रयास कर रहा था। मदद के नाम पर ठगी की बड़ी साजिश करने पर जुटे इस फर्जी अधिकारी की मंशा पर जागरुकता से पानी फेरा गया है। हालांकि कई लोग इस जाल में फंसकर पैसे गंवा चुके हैं।
साइबर अपराध बढ़े हैं, क्योंकि लोग जागरुक नहीं हैं। बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी भी साझा कर रहे हैं। अनचार्हे ंलक को कभी क्लिक न करें, सावधानी से ही बचा जा सकता है।
- उपेंद्र कुमार शर्मा, एसएसपी
bhavtarini.com@gmail.com 
