मातृत्व सुरक्षा और नवजात देखभाल में सहारा बनी मिनी माता महतारी जतन योजना
रायपुर, राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण तथा सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से श्रम विभाग द्वारा संचालित मिनी माता महतारी जतन योजना श्रमिक परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा साबित हो रही है। इसी योजना के तहत गरियाबंद जिले की हितग्राही कविता ध्रुव को 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।
कविता ध्रुव ने बताया कि योजना से मिली सहायता राशि का उपयोग वे अपने बच्चों के लालन-पालन, देखभाल और अन्य आवश्यक जरूरतों की पूर्ति में करेंगी। उन्होंने कहा कि मातृत्व के दौरान मिलने वाली यह आर्थिक सहायता श्रमिक परिवारों की महिलाओं के लिए काफी राहत देने वाली है। इससे नवजात शिशुओं के बेहतर पालन-पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। उन्होंने इस सहायता के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और श्रम विभाग के प्रति आभार जताते हुए पात्र हितग्राहियों से योजना का लाभ उठाने की अपील भी की।
उल्लेखनीय है कि मिनी माता महतारी जतन योजना का लाभ पंजीकृत निर्माण श्रमिक महिला अथवा पंजीकृत निर्माण श्रमिक की पत्नी को दिया जाता है। इसके लिए श्रम विभाग में पंजीयन आवश्यक है। बच्चे के जन्म के बाद निर्धारित आवेदन पत्र के साथ जन्म प्रमाण पत्र, श्रमिक पंजीयन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज संबंधित श्रम कार्यालय, जनपद कार्यालय या श्रम सुविधा केंद्र में जमा किए जा सकते हैं। पात्रता की जांच के बाद स्वीकृत सहायता राशि सीधे हितग्राही के बैंक खाते में अंतरित की जाती है।
कविता ध्रुव का कहना है कि राज्य सरकार महिलाओं को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है तथा ऐसी योजनाएं श्रमिक परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ-साथ मातृ एवं शिशु कल्याण को भी बढ़ावा दे रही हैं।
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