गोरखपुर: रामगढ़ झील के वेटलैंड का दायरा जल्‍द होगा सार्वजनिक, इन कामों पर लगेगी रोक

गोरखपुर: रामगढ़ झील के वेटलैंड का दायरा जल्‍द होगा सार्वजनिक, इन कामों पर लगेगी रोक

 गोरखपुर 
गोरखपुर की रामगढ़ झील, प्रदेश की पहली अधिसूचित वेटलैंड बनने की ओर एक कदम और बढ़ चली है। 15 जून की प्रारंभिक अधिसूचना के बाद आई रिकॉर्ड 206 आपत्तियों की सुनवाई के बाद डीएम की अध्यक्षता में गठित जिला आर्द्रभूमि प्राधिकरण ने अपनी रिपोर्ट अग्रिम कार्रवाई के लिए शासन को भेज दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि माह के आखिर तक उत्तर प्रदेश राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की बैठक में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में रिपोर्ट पेश हो जाएगी।  

15 जून की प्रारंभिक अधिसूचना के बाद 30 जून तक प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण ने प्रभावित लोगों से दावे और आपत्तियां आमंत्रित की थीं। तकरीबन 206 दावे और आपत्तियां मिलीं जिन पर सुनवाई एवं निस्तारण के लिए जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन की अध्यक्षता में गठित जिला आर्द्रभूमि प्राधिकरण को भेजा गया। कई दौर की बैठकों के बाद आखिरकार प्राधिकरण ने सभी आपत्तियों का निस्तारण कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है। इस माह के आखिर तक उत्तर प्रदेश राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण में रिपोर्ट की समीक्षा हो जाएगी। मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में गठित इस प्राधिकरण की मंजूरी के बाद वापस जिला आर्द्रभूमि प्राधिकरण को अंतिम अधिसूचना का ड्राफ्ट बनाने के लिए भेजा जाएगा। 

जिला, ड्राफ्ट बनाकर पुन: शासन को भेजेगा जहां से न्याय विभाग होते हुए यह ड्राफ्ट अंतिम प्रकाशन के लिए राज्यपाल कार्यालय जाएगा। डीएफओ अविनाश कुमार का कहना है कि रामगढ़ झील के वेटलैंड के रूप में अधिसूचित होने के कई लाभ होंगे। झील अपने मूल स्वरूप में बनी रहेगी।आसपास के भूगर्भ जल का स्तर सुधरेगा। झील में मिलने वाली वनस्पतियां कार्बन का अवशोषित करेंगी ही जैव विविधता का संरक्षण और संवर्धन होगा।

झील के आसपास इन कामों पर लगेगी रोक
अधिसूचना के बाद झील के निर्धारित दायरे में कोई नया उद्योग नहीं लग सकता। पुरानी इकाइयों के विस्तार पर रोक होगी। इस दायरे में खतरनाक किस्म के कचरे, पॉलीथिन, नान बायोग्रेडिबल ठोस कचरे, गंदा पानी, अशोधित सीवेज के निस्तारण पर भी रोक होगी। नौकायन के लिए जेट्टी को छोडक़र किसी तरह के निर्माण पर रोक होगी। बंधे का निर्माण, मछली पालन, सिंघाड़े की खेती, सड़क निर्माण आदि की गतिविधियों को डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति रेगुलेट करेगी।

सीएम योगी की पूरे मामले पर नजर
रामगढ़ झील के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रामगढ़ झील एरिया में आबाद लोगों के हितों की रक्षा के लिए चिन्तित हैं। वे स्वंय चाहते हैं कि इस मामले का जल्द से जल्द निस्तारण हो। यही वजह है कि सत्ता संभालने के साथ ही इस काम को उन्होंने आगे बढ़ा दिया था। 9 मार्च 2018 को रामगढ़ताल (झील) को वेटलैंड (आद्रभूमि) घोषित भी कर दिया। लेकिन अधिसूचना में कुछ गाटों का अंकन त्रुटिपूर्ण होने के कारण वापस भी ले लिया था।