सीबीआई ने कोर्ट में पेश किए इंजीनियर की हैवानियत के साक्ष्य
बांदा
मासूम बच्चों का यौन शोषण और अश्लील फोटो-वीडियो के ऑनलाइन व्यापार के आरोपित निलंबित जेई रामभवन के खिलाफ जुटाए साक्ष्य सीबीआई ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किए। शासकीय अधिवक्ता की न्यायिक अभिरक्षा बढ़ाने की अपील स्वीकृत कर कोर्ट ने 14 दिसंबर अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी।
सीबीआई को 25 नवंबर को जेई की पांच दिन की रिमांड मिली थी। रिमांड के दौरान जेई को चित्रकूट ले जाकर सीबीआई ने कई साक्ष्य जुटाए। कई पीड़ित बच्चों और उनके अभिभावकों का जेई से आमना-सामना भी कराया गया। पूछताछ की वीडियोग्राफी भी की गई। जेई के खिलाफ साक्ष्य तैयार करने के बाद रिमांड अवधि पूरी होने से 30 घंटे पहले ही रविवार को सीबीआई ने आरोपित का मेडिकील कराया और उसी दिन शाम मंडल कारागार बांदा में दाखिल कर दिया।
मंगलवार को सीबीआई के डिप्टी एसपी अमित कुमार पांच सदस्यीय टीम के साथ एडीजे पंचम (विशेष न्यायाधीश पाक्सो) मो. रिजवान अहमद की कोर्ट पहुंचे। कस्टडी के दौरान जुटाए साक्ष्य उन्होंने सील बंद लिफाफे में कोर्ट में पेश किए। टीम की ओर से शासकीय अधिवक्ता मनोज कुमार दीक्षित ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने के लिए अर्जी प्रस्तुत की। अभियुक्त पक्ष से कोई वकील उपस्थित नहीं हुआ। न्यायाधीश ने न्यायिक अभिरक्षा बढ़ाने की मांग स्वीक़ृत करते हुए 14 दिसंबर सुनवाई की तारीख तय की।
कोर्ट में पेश साक्ष्य
शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक, सीबीआई टीम ने आरोपित के खिलाफ रिमांड के दौरान कई साक्ष्य जुटाए हैं। तकनीकी साक्ष्यों के साथ बच्चों से पूछताछ से हासिल कई साक्ष्य सीलकर कोर्ट में पेश किए गए हैं। अभियुक्त पक्ष के अधिवक्ता नहीं पहुंचे इसलिए उन पर कोई बहस नहीं हुई।
एमपी तक में खरीदे प्लाट, नजदीकियों को महंगे तोहफे
चित्रकूट। आरोपित सस्पेंड जेई रामभवन ने अनैतिक धंधे से अकूत संपत्ति अर्जित की। उसने चित्रकूट सीमा से सटे एमपी क्षेत्र में मंहगे प्लाट खरीदे। इसमें से दो प्लाटों के दस्तावेज सीबीआई के हाथ लगे हैं, इनमें से एक खुद के पास रखा और दूसरा प्लाट उसने अपने एक नजदीकी को तोहफे में दिया है। सीबीआई और उसकी और संपत्ति की तलाश कर रही है।
सीबीआई इस मामले में हर पहलू को लेकर तफ्तीश कर रही है। सूत्र बताते हैं कि आरोपित ने हैवानियत का शिकार बच्चों के साथ उनके परिजनों का मुंह बंद रखने के लिए तमाम तरह के महंगे तोहफे दिए हैं। रिमांड पर लेकर जब सीबीआई ने उसके कमरों की तलाशी ली तो जमीन-जायदाद से लेकर बैंक के दस्तावेज हाथ लगे, कई ऐसे दस्तावेज भी मिले जिससे पता चला कि जेई ने दूसरों को महंगे तोहफे दिए हैं। जेई के अकूत संपत्ति की जानकारी सामने आने पर सीबीआई ने इस तरफ छानबीन और तेज कर दी। अब सीबीआई जेई के उन नजदीकियों की संपत्ति भी आंक रही जिनको वह तोहफे देता रहा है। तलाशी के दौरान सीबीआई को वाहन संबंधी दस्तावेज भी मिले हैं। सूत्रों के अनुसार रामभवन ने अपने किसी नजदीकी के नाम से एक चार पहिया वाहन खरीदा था।
सीबीआई ने फिर की कई से पूछताछ
सीबीआई की तफ्तीश मंगलवार को भी जारी रही, गेस्ट हाउस में टीम ने कुछ और लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया। इसमें इंटरनेट के जानकारों के साथ कई मोबाइल दुकानदार शामिल हैं। सीबीआई को अभी भी ऐसे साक्ष्यों की तलाश है जिससे साबित हो सके कि उसने मोबाइल, महंगे उपकरण और अन्य सामान अपने अनैतिक काम के लिए खरीदे।
विभाग बैठा सकता जांच
रामभवन ने जिन साइटों पर काम कराया है, विभाग उनकी जांच भी करा सकता है। सीबीआई के हाथ जेई के विभागीय कार्यों संबंधी दस्तावेज भी लगे हैं। विभाग को भी इसकी जानकारी मिल चुकी है, साथ ही उसकी अकूत संपत्ति के बारे में भी पता चला है। ऐसे तथ्य सामने आए हैं कि विभागीय कार्यों में भी जेई ने अपने नजदीकियों के साथ मिलकर घालमेल किया है। विभागीय अधिकारियों को यह भी शंका है कि सीबीआई जेई की संपत्ति की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय को भी लिख सकती है। खुद को पाकसाफ साबित करने के लिए विभागीय अधिकारी इस सबसे पहले उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करा सकते हैं, इसके संकेत विभाग से मिलने लगे हैं।
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