नाहरगढ़ जैविक उद्यान में वन्यजीवों के दीदार के लिए उमड़ा सैलानियों का सैलाब
रविवार को 3,177 सैलानियों ने किया नाहरगढ़ जैविक उद्यान का भ्रमण
284 पर्यटकों ने लिया लायन व टाइगर सफारी का रोमांचक अनुभव
जयपुर। जयपुर का नाहरगढ़ जैविक उद्यान सैलानियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2026 के अब तक के मात्र 39 दिनों में 57 हजार से अधिक पर्यटक उद्यान में वन्यजीवों के दीदार कर चुके हैं।
एसीएफ देवेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि रविवार को बदलते मौसम का सुहावना मिजाज और अवकाश के दिन का उत्साह बड़ी संख्या में पर्यटकों को नाहरगढ़ जैविक उद्यान की ओर खींच लाया। इस दौरान कुल 3,177 सैलानियों ने उद्यान का भ्रमण कर वन्यजीवों को नजदीक से देखने का अनुभव प्राप्त किया।
उन्होंने बताया कि इस दौरान लायन सफारी और टाइगर सफारी पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं। कुल 284 पर्यटकों ने दोनों सफारियों का रोमांचक अनुभव लिया। बाघों की गर्जना और शेरों की शाही चाल ने सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नाहरगढ़ जैविक उद्यान में संचालित टाइगर सफारी और लायन सफारी इन दिनों न केवल जयपुरवासियों बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण बनी हुई हैं। शहर के समीप प्राकृतिक हरियाली और वन्यजीवों का यह संगम पर्यटकों को पारिवारिक सैर के साथ रोमांच का अनूठा अनुभव प्रदान कर रहा है।
उप वन संरक्षक विजयपाल सिंह के निर्देशन में उद्यान में पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एसीएफ देवेन्द्र सिंह राठौड़ एवं रेंजर शुभम शर्मा द्वारा रविवार को सफारियों की सघन मॉनिटरिंग कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
एसीएफ देवेन्द्र सिंह राठौड़ की देखरेख में टूरिज्म मैनेजमेंट टीम द्वारा सफारी संचालन एवं भीड़ नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई। पर्यटकों को टिकटिंग, वाहन सुविधा, मार्गदर्शन एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं में पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया।
वन विभाग की सतत निगरानी एवं सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते नाहरगढ़ जैविक उद्यान आज राज्य के प्रमुख और लोकप्रिय वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शुमार हो गया है। यह उद्यान न केवल पर्यावरण संरक्षण का सशक्त उदाहरण है, बल्कि पर्यटकों के लिए शिक्षाप्रद एवं मनोरंजक अनुभव का केंद्र भी बनता जा रहा है।
इस अवसर पर राजाराम मीणा, विजेंद्र चौधरी, दलीप सिंह शेखावत, सोनू मीणा, कैलाश चंद्र, सरिता चौधरी, गोकुल मीणा, बसंती गुर्जर, विमला मीणा, हंसा कुमारी, बनवारी लाल शर्मा, ओम प्रकाश, सुरेश चंद मीणा, भंवर सिंह आमला सहित अन्य कार्मिकों ने व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
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