राज्य में कच्चे तेल का उत्पादन बढाने के लिए नवीनतम तकनीक का होगा उपयोग

राज्य में कच्चे तेल का उत्पादन बढाने के लिए नवीनतम तकनीक का होगा उपयोग

जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम श्रीमती अपर्णा अरोरा ने बताया है कि कच्चे तेल दोहन की नवीनतम तकनीक का उपयोग करते हुए चरणबद्ध तरीके से राज्य में कच्चे तेल का उत्पादन 80 हजार बैरल प्रतिदिन तक बढ़ाने के निर्देश दिए गए है। इस समय राज्य में करीब 51-52 हजार बैरल कच्चे तेल का प्रतिदिन उत्पादन हो रहा हैं। उत्पादक कंपनियों द्वारा कच्चे तेल का दोहन बढाने के लिए बाड़मेर-सांचोर बेसिन व जैसलमेर बेसिन में अल्कली सर्फेक्टेंट पॉलीमर (एएसपी) और बीकानेर-नागौर बेसिन में साइक्लिक स्टीम स्टिमुलेशन (सीएसएस) दोहन की नवीनतम तकनीक का उपयोग करते हुए उत्पादन बढाया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में पेट्रोलियम सेक्टर में 12 पेट्रोलियम लीज और 12 ही पेट्रोलियम एक्सप्लोरेशन लाइसेंस जारी हैं। राज्य में 2.6 से 2.8 एमएमएससीएम प्राकृतिक गैस का उत्पादन हो रहा है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम श्रीमती अपर्णा अरोरा सोमवार को सचिवालय में पेट्रोलियम और सीजीडी सेक्टर की प्रगति समीक्षा कर रही थी। उन्होंने बताया कि भूमि पर (ऑनशोर) प्राकृतिक गैस उत्पादन में दूसरे एवं कच्चे तेल के उत्पादन में राजस्थान तीसरे स्थान पर है।  9 एमएमटीपी उत्पादन क्षमता की एचआरआरएल राजस्थान रिफाइनरी में राजस्थान में उत्पादित 1.5 मिलियन टन कच्चे तेल का परिशोधन किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में उत्पादित कच्चे तेल का राज्य की रिफाइनरी में ही परिशोधन सुनिश्चित किया जाएं।

श्रीमती अपर्णा अरोरा ने सीजीडी संस्थाओं के कार्यों की समीक्षा करते हुए बताया कि इस वित्तीय वर्ष में 60 सीएनजी स्टेशन लगाने का लक्ष्य रखा गया है जिसके विरुद्ध 23 नए सीएनजी स्टेशन चालू हो गये हैं। उन्होंने दिसंबर तक ही निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 60 सीएनजी स्टेशन स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बहुमंजलीय इमारतों में डीपीएनजी कनेक्शन जारी करने पर फोकस करने पर भी जोर दिया।

निदेशक पेट्रोलियम अवधेश सिंह ने बताया कि केयर्न वेदांता, ऑयल इंडिया, ओएनजीसी, फोकस एनर्जी आदि संस्थाएं कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का दोहन कार्य कर रही है।

आरएसजीएल के प्रबंध निदेशक विनय पाटनी ने सीजीडी संस्थाओं के कार्यों की प्रगति से अवगत कराया।  

बैठक में विशिष्ठ सचिव माइंस श्रीमती नम्रता वृष्णि, उपसचिव राकेश कुमार, ओएसडी अनुज सक्सेना, संयुक्त निदेशक पेट्रोलियम दिलीप राज शर्मा, उप निदेशक रोहित मल्लाह, सुशील कुमार हुड्डा, मोहन कुमावत, अंकित सोनी ने हिस्सा लिया।