राज-उन्नति की दूसरी बैठक: CM भजनलाल ने की 84 हजार 282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर प्रगति की समीक्षा
लापरवाह कार्मिकों पर होगी कड़ी कार्रवाई
परियोजनाओं के शीघ्र संचालन के लिए आवश्यक स्वीकृतियां शीघ्र हों जारी- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार जन सेवा को सर्वोपरि मानकर कार्य कर रही है। अधिकारी जनता की समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कार्मिक निष्ठा से अपने राजकीय दायित्वों का निर्वहन करें। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शर्मा शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राज-उन्नति की बैठक को वीसी के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की 84 हजार 282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं और योजनाओं पर चर्चा की तथा अधिकारियों को इनके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि अधिकारी तय समय में विकास कार्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, जिससे परियोजनाओं की लागत में वृद्धि ना हो तथा जनता को राहत मिले।
अधिकारी नियमित करें जनसुनवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी सम्पर्क हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करें। साथ ही, जिला एवं विभाग स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारी इसकी नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कलक्टर्स को निर्देश दिए कि सम्पर्क पोर्टल पर प्राप्त समस्याओं के समाधान में देरी ना हो। साथ ही, नियमित जन सुनवाई करें, जिससे स्थानीय स्तर पर ही आमजन की परिवेदनाओं का निस्तारण सुनिश्चित हो सके। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन के चयनित परिवादियों से उनके परिवाद निस्तारण पर फीडबैक लिया। जैसलमेर के धन्नाराम सहित अन्य परिवादियों ने मुख्यमंत्री का समस्याओं के समाधान के लिए आभार जताया।
पावरग्रिड के प्रोजेक्ट्स को समय से करें पूर्ण
शर्मा ने पावर ग्रिड के प्रोजेक्ट्स को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने 765 केवी डी/सी ब्यावर-दौसा ट्रांसमिशन लाइन से संबंधित कार्य में गति लाने और 765 केवी डी/सी सीकर-खेतड़ी ट्रांसमिशन लाइन को भी जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।
आरएफआईडी एवं जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली की हो नियमित मॉनिटरिंग
शर्मा ने उद्योग विभाग को भीलवाड़ा में बन रहे टेक्सटाइल पार्क में समस्त कार्य शीघ्र पूर्ण करते हुए भूखण्ड आवंटन प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र में आरएफआईडी एवं जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली को चरणबद्ध रूप से लागू करने के लिए मुख्य सचिव पाक्षिक रूप से बैठक करें। साथ ही, वेब्रिज ऑटोमेशन एवं वाहन टेªकिंग सिस्टम से संबंधित मॉडयूल को शीघ्र पूर्ण किया जाए। वहीं, खान विभाग एवं परिवहन विभाग आपसी समन्वय से पोर्टल का शीघ्र इंटीग्रेशन करें, जिससे खनिज परिवहन की वास्तविक समय निगरानी एवं ओवरलोडिंग नियंत्रण किया जा सके।
न्यू एज कोर्स के कनवर्जेन्स पर दें जोर
मुख्यमंत्री ने कौशल विकास कार्यक्रम के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं की जिला कौशल समितियों को और अधिक सक्रिय करने के भी निर्देश दिए। साथ ही, न्यू एज कोर्स का कनवर्जेन्स करने तथा जिलों में स्किल गैप कवर करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष में 1 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कालीबाई भील उड़ान योजना के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं को निःशुल्क सेनेटरी नेपकिन वितरण के लिए वितरण केन्द्रों पर सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर करें सृजित
शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा 5 साल में 6 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। अब तक 2 लाख से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से भी युवाओं के लिए रोजगार के भरपूर अवसर सृजित हुए हैं। हमारी प्राथमिकता है कि राज्य के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके। साथ ही, उन्हें इंडस्ट्री रेडी एवं रोजगारपरक बनाना जाए। इस दृष्टि से इस वर्ष के बजट में प्रत्येक जिले में इंडस्ट्री पार्टनर को जोड़ते हुए इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल डवलपमेंट एंड वोकेशनल टेªनिंग प्रारम्भ की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में शीघ्र अग्रिम कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि गत वर्ष की लंबित बजट घोषणाओं को शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ नीति के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भरतपुर तथा अलवर में बनने वाले नवीन बस स्टैण्ड के कार्य को शीघ्र पूरा करने के भी निर्देश दिए। शर्मा ने राजस्थान रिफाइनरी सहित अन्य परियोजनाओं एवं योजनाओं की प्रगति को लेकर भी समीक्षा की। इस दौरान मुख्य सचिव ने राज उन्नति की प्रथम बैठक में दिए गए निर्देशों की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज उन्नति की पहल की गई है। इनमें चयनित परियोजनाओं, योजनाओं एवं कार्यों की विस्तृत चर्चा कर प्रदेश के विकास को गति दी जा रही है। इसमें आमजन से जुड़े कार्यों और परिवेदनाओं को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है।
बैठक में वीसी के माध्यम से मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव तथा जिला कलक्टर्स जुड़े।
bhavtarini.com@gmail.com
