इंदिरा गांधी के साहस को जन-जन तक पहुंचाने 16 दिसंबर को कांग्रेस मनाएगी विजय दिवस
भोपाल
इंदिरा गांधी के नेतृत्व में पाकिस्तानी फौज को धूल चटाने और बांग्लादेश के मुक्त होने की कहानी प्रदेश कांग्रेस जन-जन तक पहुंचाने की तैयारी में हैं। इसके लिए कांग्रेस बांग्लादेश के मुक्ति युद्ध की 50वीं वर्षगांठ पर विजय दिवस मनाएगी। पाकिस्तान से यह युद्ध 3 से 16 दिसंबर 1971 में हुआ था। जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों का आत्मसमर्पण करवा दिया था।
एआईसीसी के निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस ने तय किया है कि इस युद्ध में हुए भारतीय सेना की इस अभूतपूर्व जीत पर प्रदेश भर में विजय उत्सव मनाया जाए। जिसमें युवा पीढ़ी को यह बताया जाए कि 3 दिसम्बर से 16 दिसंबर 1971 में हुई जंग में भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना के नापाक मनसूबों पर पानी फेरकर ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उत्कृष्ट राजनीति, सूझबूझ एवं अभेद्य कूटनीति के तहत देश की तीनों सेनाओं के बेहतरीन सामन्जस्य से, विपरीत परिस्थितियों में भी अति कुशल प्रबंधन के द्वारा पाकिस्तानी सेना को मुंह तोड़ जवाब दिया और भारतीय सेना की पूर्वी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के सामने पाकिस्तानी सेना के कमांडर जनरल एके नियाजी ने 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों के साथ ढाका के रेसकोर्स मैदान में समक्ष अपनी हार स्वीकार कर ली थी और अपनी व्यक्तिगत सर्विस रिवाल्वर (पिस्टल) व मैडल सौंप कर आत्मसमर्पण किया था ।
कांग्रेस के राष्टÑीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ गुरुवार को उपुचनाव वाले क्षेत्रों की बैठक लेने जा रहे हैं। बैठक के लिए रैगांव, पृथ्वीपुर, जोबट विधानसभा क्षेत्रों के साथ ही खंडवा लोकसभा क्षेत्र के नेताओं को बुलाया गया है। इन क्षेत्रों के प्रभारियों को भी बुलाया गया है। इस बैठक में दावेदारों को भी शामिल किया जाएगा। उपचुनाव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस की यह अहम बैठक मानी जा रही है।
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