रेलवे ने दौड़ाई 'मुनाफा एक्‍सप्रेस'

  रेलवे ने दौड़ाई 'मुनाफा एक्‍सप्रेस'

 गोरखपुर  
बीते छह महीने से लगातार घाटे में चल रहा रेल अब मुनाफे की तरफ बढ़ रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह कम आय वाली पैसेंजर ट्रेनों के न चलने का है। जी हां घाटे की ‘पैसेंजर’ बंद होने से मुनाफे की ‘एक्सप्रेस’ दौड़ने लगी है। इसका अंदाजा ऐसे भी लगा सकते हैं कि 30 फीसदी ट्रेनों के न चलने के बाद भी रेलवे ने 2019 दिसम्बर के आय का 80 फीसदी आय हासिल कर लिया है। दिसम्बर 2019 में गोरखपुर में जहां 2.5 करोड़ की आय हुई थी वहीं दिसम्बर 2020 में 1.9 करोड़ की आय हुई है।

कमाई बढ़ने का एक कारण यह भी है कि कम ट्रेनों की वजह से जो ट्रेनें चल रही है वह भी पूरी तरह पैक है। सर्वाधिक मारामारी बंगलूरू और मुम्बई की ट्रेनों में है।ट्रेनों के आगे पूजा स्पेशल नाम जुड़ जाने से भी कमाई बढ़ गई है। इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते कि दादर और गोदान एक्सप्रेस में भी पूजा और स्पेशल के नाम पर एक जगह और एक ही क्लास के किराए में 150 से 500 रुपये का अंतर है। वर्तमान में जो ट्रेनें चल रही हैं वह सभी तो पहले वाली ही ट्रेनें हैं लेकिन लॉकडाउन खुलने के बाद चलीं ट्रेनों को कोविड और पूजा स्पेशल के नाम से चलाया जा रहा है। पूजा स्पेशल के नाम पर यात्रियों को 150 से 500 रुपये तक अधिक किराया देना पड़ रहा है।