नक्सलियों के पास से दूसरी बार बरामद हुए हाईटेक हथियार, इस अमरीकी मशीनगन से पुलिस में मचा हड़कंप

रायपुर
छत्तीसगढ़ में माओवादियों के पास से लगातार मिल रहे विदेशी हथियारों ने राज्य पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। सुकमा जिले में बीते दिनों हुई मुठभेड़ में मिले जर्मन मेड जी-3 राइफल की रिपोर्ट अभी पुलिस को मिली भी नहीं कि बुधवार को नारायणपुर जिले के बालबेड़ा जंगल में मारे गए माओवादियों के मिलिट्री कंपनी नंबर-5 के सेक्शन कमांडर व आठ लाख के इनामी किशोर के पास से अमरीकी हथियार बरामद हुआ है।
माओवादियों के पास से विदेशी हथियार मिलने से पुलिस के आला अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। ऑपरेशन से जुड़े अफसरों का कहना है कि पहली बार बड़ी संख्या में गोलियां और अत्याधुनिक हथियार बरामद हुए हैं। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर मामले की जांच की जा रही है।
जर्मन मेड राइफल की नहीं मिली रिपोर्ट
सुकमा जिले के किस्टाराम में मई-2018 में हुई मुठभेड़ में जवानों ने एक माओवादी को मार गिराया था। माओवादी के पास से जर्मन मेड जी-3 राइफल बरामद किया गया था। हालांकि, पुलिस ने इसे असेंबल हथियार बताकर अपना पल्ला झाडऩे की कोशिश की थी।
लेकिन, विशेषज्ञों ने मारक क्षमता और हथियार को देखने के बाद इसे विदेशी राइफल बताया था। सुकमा और जगदलपुर के बाद राइफल की जांच के लिए रायपुर स्थित एफएसएल लैब भेजा गया था। लेकिन, दो माह बाद भी पुलिस को इसकी फॉरेंसिक रिपोर्ट नहीं मिली है। सूत्रों का कहना है कि इसकी मारक क्षमता और अन्य तकनीकि जांच के लिए चंडीगढ और पुणे स्थित लैब भेजा गया है।
उपयोग की जानकारी
माओवादी से बरामद राइफल के संबंध में पुलिस मुख्यालय और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी भेजी जा रही है। साथ ही उनसे इसका ब्यौरा मांंगा गया है। ऑपरेशन से जुड़े अफसरों का कहना है कि इस तरह के हथियार का उपयोग देश के किसी भी सुरक्षा एजेंसी द्वारा नहीं किया जाता है।
बस्तर के आइजी विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए माओवादी से बरामद थामसन कंपनी के मशीन गन को जब्त कर जांच की जा रही है। साथ ही इसे एफएसएल लैब में परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। हथियार पर थामसन सब मशीनगन लिखा हुआ है और यह अमरीकी निर्मित है। इसकी विशेषज्ञों के माध्यम से जानकारी जुटाई जा रही है।
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