बरगी डैम हादसा: मौत से हारी मां, ममता की जीत, दृश्य देख कांप उठी रूह
जबलपुर, जबलपुर ज़िले के बरगी डैम में गुरुवार शाम एक पर्यटक क्रूज़ के डूबने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई, 22 को सुरक्षित बचा लिया गया है, लगभग आठ लोग अभी भी लापता हैं। लेकिन इस हादसे में दिल को झकझोर देने वा दृश्य सामने आया, जिसमें मौत के बाद भी मां अपने मासूम बेटे को सीने से लगाए रही। बेटा भी मां के सीने पर सिर रखकर हमेशा के लिए सो गया। बरगी की त्रासदी से आई यह तस्वीर लोगों को काफी भावुक कर रही है। मौत के बाद भी मां की ममता जीत गई।
लाइफ जैकेट पहने एक मां… और उसके सीने से लिपटा उसका मासूम बेटा। जब दोनों के शव बरगी डैम के पानी से बाहर निकाले गए, तो यह दृश्य देखकर लोगों की रूह कांप उठी। यह मंजर उस दर्दनाक हादसे के बाद का था, जिसने हर किसी को भीतर तक झकझोर दिया। मां आखिरी सांस तक उस भयावह त्रासदी से जूझती रही, लेकिन अपने बच्चे को सीने से लगाए रखा। मौत भी उसके आंचल से मासूम को अलग नहीं कर सकी।
बचाव कार्य में जुटी टीम का वीडियो भी सामने आया
हादसे के बाद राहत-बचाव कार्य में जुटी टीम का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें चार से पांच सदस्यों की टीम सुबह मां और बेटे के शव को बरगी डैम से बाहर निकाल रहे हैं। वीडियो में आप देख सकते हैं कि इतने भयावह पानी और तेज लहरों के बीच बचाव कार्य करना चुनौती पूर्ण बना हुआ है। लेकिन उससे बाद भी टीमें बचाव की हर एक संभव कोशिश करने में जुटी हुई हैं।
बचावकर्मियों की कहानी अटूट ममता की कहानी
सेना के बचावकर्मी ने कहा कि क्रूज पलटकर डूब चुका था। अंदर जाने के बाद जहां से थोड़ी बहुत जगह मिली, वहां से अंदर जाकर शव ढूंढने की कोशिश की। दृश्यता भी काफी कम थी। आधे फीट की दूरी तक भी कुछ नहीं दिख रहा था। अंदर हमने जो मंजर देखा, उसे देखकर हैरान हो गए। महिला को बाहर निकालने की कोशिश की, तो बॉडी बाहर नहीं आ पा रही थी। हमने देखा तो पाया कि उसे सिमटकर एक बच्चा भी था। हम खींचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उस मां की पकड़ अपने बच्चे से छूट ही नहीं रही थी।
तेज तूफान के कारण पलट गई क्रूज
इस हादसे में नौ लोगों के शव मिल चुके हैं। जबकि 28 लोगों को बचा लिया गया है। वहीं, छह लोग अब भी लापता हैं। आज सुबह मिली जानकारी के अनुसार, क्रूज में कुल 43 लोग सवार थे। अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार शाम 29 यात्रियों और दो चालक दल के सदस्यों को लेकर जा रही क्रूज नाव अचानक आए तेज तूफान के कारण पलट गई। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच नाव संतुलन खो बैठी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यात्रियों ने नाव किनारे लगाने की गुहार लगाई, लेकिन आवाज चालक दल तक नहीं पहुंच सकी और हादसा हो गया।
2006 में बनाया गया था क्रूज
मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के अधिकारी योगेंद्र रिछारिया ने मीडिया को बताया कि इस क्रूज का निर्माण 2006 में किया गया था। इसमें 60 यात्रियों की बैठने की क्षमता है।
bhavtarini.com@gmail.com 
