अब बदलेगी स्कूलों में शिक्षक चयन प्रक्रिया अनामिका केस के बाद
लखनऊ
अनामिका केस के खुलासे के बाद अब यूपी में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों की चयन प्रक्रिया बदली जाएगी। इसके संकेत बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डा. सतीश चन्द्र द्विवेदी ने दिए हैं। नए सत्र से केजीबीवी की व्यवस्थाएं सुधारने के लिए जूनियर स्कूल की एक प्रधानाध्यापिका-अध्यापिका को यहां से संबद्ध किया जाएगा। वहीं टैबलेट के माध्यम से बायोमीट्रिक हाजिरी भी इस सत्र से यहां लागू की जाएगी। प्रदेश में 745 केजीबीवी हैं।
सरकार इस सत्र से बायोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य करने जा रही है। इससे न सिर्फ शिक्षकों की हाजिरी पर लगाम लगेगी बल्कि फर्जी तरीके से नौकरी कर रहे शिक्षकों पर भी पकड़ होगी। चूंकि अभी तक सारे काम कागजों पर होते हैं और इसलिए फर्जी शिक्षकों की पकड़ मुश्किल होती है। ऑनलाइन डाटाबेस न होने से एक ही नाम पर दो-तीन जिलों से वेतन निकलने के मामले बेसिक शिक्षा विभाग में बहुत हैं। इसीलिए विभाग बार-बार पैन कार्ड व आधार कार्ड बदलने वाले शिक्षकों को राडार पर लेता आया है।
जूनियर स्कूल की प्रधानाचार्य केजीबीवी की जिम्मेदारी लेगी। वहीं केजीबीवी के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार भी इन्हें दिए जाएंगे। चूंकि केजीबीवी में वार्डन से लेकर अन्य शिक्षक तक संविदा पर रहते हैं इसलिए सरकारी शिक्षक को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी ताकि उत्तरदायित्व तय किया जा सके।
केजीबीवी में शिक्षकों के मानदेय-
वार्डन- 27500 रुपए
पूर्णकालिक शिक्षक- 22 हजार रुपए
अंशकालिक शिक्षक-9800 रुपए
लेखाकार-11000
दीक्षा ऐप के माध्यम से भी हो रही चेकिंग
दीक्षा ऐप के माध्यम से विभाग शिक्षकों की ट्रेनिंग करा रहा है। यहां पर भी शिक्षकों के ब्यौरे मांगे गए थे। विभाग अब इन ब्यौरों के आधार पर भी जांच कर रहा है कि कहीं एक ही ब्यौरे वाले शिक्षकों की अलग-अलग जिलों में नियुक्ति तो नहीं।
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