भोपाल/रतलाम। मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों का हाल जानने के लिए परिजन परेशान हैं। उन्हें राहत देने के बजाय प्रशासन ने सोमवार दोपहर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर उनकी मुसीबत और बढा दी है। इस आदेश का सोशल मीडिया पर विरोध शुरु हो गया है।
2 महीने के लिए जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में धारा 144
जिला प्रशासन ने जारी आदेश में कहा है कि अब मेडिकल कॉलेज और जिला चिकित्सालय के 100 मीटर की परिधि में धारा 144 2 महीने तक लागू रहेगी। मेडिकल कॉलेज एवं जिला चिकित्सालय में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग नहीं किया जाएगा। मरीज को भर्ती कराते समय, बाहरी मेन गेट से दो से अधिक व्यक्तियों या परिजनों का प्रवेश वर्जित होगा।
निजी वाहनों का अंदर ले जाना प्रतिबंधित
शासकीय वाहन एवं ड्यूटी पर तैनात अधिकारी, डाक्टर एवं कर्मचारी के वाहन को छोड़कर किसी भी प्रकार के निजी वाहनों का अंदर ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी प्रकार की कोई दुकान, ठेला, फल एवं चाय की दुकान नहीं लगाई जाएगी।
कोविड वार्ड में भर्ती मरीजों के साथ किसी भी परिजन को साथ में रहने की अनुमति नहीं होगी। कोई व्यक्ति उपयुक्त आदेश का उल्लंघन करेगा तो वह भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय अपराध का दोषी होकर उसे विधि के प्रावधानों के तहत आयोजित किया जाएगा।
लोग ऐसे हुए परेशान
दोपहर को परिसर में लगे टेंट को हटा दिया गया, जिससे पूरी दोपहर परिजन चिलचिलाती धूप में बैठे रहे। शाम को टेंट परिसर में दूसरी दिशा में लगाया गया।
ढोढर निवासी एक व्यक्ति ने फोन लगाकर बताया कि उन्हें फल खरीदने के लिए पैदल-पैदल 2 किलोमीटर तक आना पड़ा। लोगों ने सोशल मीडिया पर भी शिकायत की, कि अब निजी वाहन से मरीज को लेकर आने वाले व्यक्ति मेन गेट के बाहर से अंदर तक उन्हें अंदर लेकर कैसे जाएंगे। व्यहारिक रूप से फल, चाय की दुकानें भी दूर कर देने से परिजन भी परेशान होंगे।
जीवित मरीज को मेडिकल कॉलेज ने मृत घोषित
उल्लेखनीय है कि रतलाम के एक वरिष्ठ पत्रकार पर एक न्यूज़ ग्रुप में मेडिकल कॉलेज की सूचना के लिए एक मैसेज डाला गया था तथा प्रशासन से निवेदन किया गया था कि एक पेशेंट की हालत बहुत ज्यादा खराब है ऑक्सीजन नहीं मिलने से मेडिकल कालेज के द्वारा उसे मृत घोषित कर कर घर भेज दिया गया था उसके पश्चात परिजनों ने पाया कि पेशेंट की धड़कन चल रही थी वह पुनः रतलाम लेकर आए और इधर-उधर भटके इस दौरान पेशेंट की मौत हो गई उसके पश्चात पत्रकार पर धारा 188 में मुकदमा दर्ज कर लिया गया जिसके विरोध में आज रतलाम के सभी पत्रकारों ने असहयोग आंदोलन चलाते हुए सभी मीडिया ग्रुप की डीपी काली कर ली और अपनी डीपी भी काली कर ली और प्रशासन से सहयोग नहीं करने का बीड़ा उठाया उसके पश्चात प्रशासन ने मीडिया को मेडिकल कॉलेज में जाने से रोकने के लिए उपरोक्त आदेश जारी कर दिया जिससे आम जनता भी परेशान होगी।