SC का आदेश हाथरस मामले में अरेस्‍ट केरल के पत्रकार को 'इलाज के लिए AIIMS या दिल्ली के अस्पताल भेजे यूपी सरकार'

SC का आदेश हाथरस मामले में अरेस्‍ट केरल के पत्रकार को 'इलाज के लिए AIIMS या दिल्ली के अस्पताल भेजे यूपी सरकार'

नई दिल्‍ली
सुप्रीम कोर्ट से केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने कोरोना के इलाज के संबंध में दी गई एक याचिका पर यूपी सरकार को इस मामले में आदेश दिया है। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि कप्पन को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) या दिल्ली के ही किसी सरकारी अस्पताल में शिफ्ट किया जाए। पिछले साल अक्टूबर में हाथरस जा रहे कप्पन को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कप्पन को राहत देते हुए कहा कि ठीक होने के बाद उन्हें मथुरा जेल वापस भेजा जा सकता है। चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट बेंच ने केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट की याचिका पर यूपी सरकार को कप्पन का यूपी से बाहर इलाज कराने का निर्देश दिया है। इससे पहले मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट यूपी सरकार से कप्‍पन के मेडिकल रिकॉर्ड जमा करने को कहा था। पिछले साल हाथरस में एक दलित युवती के कथित गैंगरेप के बाद हत्‍या का मामला चर्चित हुआ था। कप्‍पन को यूपी पुलिस ने हाथरस के रास्‍ते में अरेस्‍ट किया था।

केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्‍ट ने आरोप लगाया था कि कप्‍पन को अस्‍पताल में चरपाई के साथ चेन से बांधा हुआ है। कप्‍पन बाथरूम में फिसल कर गिर गए थे। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्‍पताल लाया गया जहां पता चला कि वह कोरोना पॉजिटिव हैं। यूपी सरकार ने इन आरोपों का खंडन किया था। पत्रकार सिद्दीकी कप्पन को 5 अक्टूबर को हाथरस जाते समय रास्ते में गिरफ्तार किया गया था। वह हाथरस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई दलित युवती के घर जा रहे थे। इस युवती की बाद में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।