ग्लोइंग और खूबसूरत त्वचा हर किसी को आकर्षित करती है। लेकिन बढ़ते प्रदूषण, तनाव, तेज धूप सहित अन्य कारणों से स्किन प्रभावित होती है। इससे स्किन टेक्सचर खराब होने लगता है और त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं पैदा होने लगती हैं। मुंहासे, दाग-धब्बे, स्किन ढीली पड़ना ऐसी ही एक समस्या है।
खासतौर पर एक्जिमा, केरोटोसिस पिलारिस और सोरायसिस से ग्रस्त लोगों की त्वचा अधिक ड्राई होती है। साथ ही उम्र बढ़ने पर महिलाओं के शरीर में कई केमिकल और हार्मोनल बदलाव होते हैं। जिसके कारण त्वचा पर एजिंग के लक्षण नजर आने लगते हैं। आइए जानते हैं त्वचा की देखभाल के लिए खास टिप्स...
आमतौर पर डेड और केराटिनाइज्ड स्किन सेल बनने के कारण स्किन टेक्सचर खराब होता है। जिन लोगों को पहले से ही मुंहासे, दाग-धब्बे सहित त्वचा से जुड़ी अन्य समस्याएं होती हैं, उनका स्किन टेक्सचर खराब हो सकता है। इससे त्वचा के रोम छिद्र बड़े हो जाते हैं। साथ ही फाइन लाइन और झुर्रियां आने लगती हैं। इसके अलावा त्वचा की सतह पर अधिक डेड स्किन सेल बनने और धूप के संपर्क में आने से भी त्वचा प्रभावित होती है।
क्लिंजर, मॉश्चराइजर और एक्सफोलिएटिंग प्रोडक्ट में अल्फा हाइड्रॉक्सी और बीटा हाइड्रॉक्सी एसिड पाया जाता है। इनका इस्तेमाल करने से स्किन टेक्सचर में सुधार होता है।
त्वचा को एक्सफोलिएट करना बेहद जरूरी है। इसके लिए अखरोट, जोजोबा बीट्स या लैक्टिक एसिड का प्रयोग करना चाहिए। दरअसल, चेहरे को एक्सफोलिएट करने से डेड स्किन सेल बाहर निकल आते हैं। साथ ही रोम छिद्र भी बंद हो जाते हैं। इससे चेहरे पर चमक आती है।
स्किन को हेल्दी रखने के लिए सबसे बेहतर तरीका है रात में सोने से पहले चेहरे की सफाई करना। बेड पर जाने से पहले अपना मेकअप उतारें और त्वचा पर जमी गंदगी को साफ करें।
स्किन टेक्सचर का एक कारण सनबर्न या सन डैमेज भी होता है। अपनी त्वचा की सुरक्षा के लिए SPF 30 सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। इसके अलावा घर से बाहर निकलने से पहले चेहरे को कवर कर लें।
टेक्सचर स्किन से छुटकारा पाने के लिए केमिकल पील बेहद पॉपुलर ट्रीटमेंट है। इसलिए फ्रूट एसिड पील फेशियल ट्रीटमेंट लेना चाहिए। केमिकल पील से चेहरे पर चमक आती है और स्किन तरोताजा दिखती है।