माइंस विभाग द्वारा 12 फीसदी विकास दर के साथ फरवरी माह तक 8888 करोड़ से अधिक का राजस्व संग्रहण
फरवरी माह में रिकॉर्ड 1060 करोड़ रु. का राजस्व संग्रहित
जयपुर। खान एवं भूविज्ञान विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम माह में 1500 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व संग्रहण का लक्ष्य तय करते हुए फील्ड स्तर पर राजस्व संग्रहण की रणनीति तय की है। प्रमुख सचिव खान एवं भूविज्ञान टी. रविकान्त ने बुधवार को खनिज भवन में संयुक्त सचिव अरविन्द सारस्वत, निदेशक माइंस एमपी मीणा व वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद खान विभाग द्वारा 12 फीसदी विकास दर के साथ फरवरी तक 8888 करोड़ 80 लाख रुपए का रेकार्ड राजस्व संग्रहित किया है। यह गत वित्तीय वर्ष के फरवरी माह तक के राजस्व संग्रहण से 952 करोड़ रु. से भी अधिक है। उन्होंने बताया कि माइंस विभाग के इतिहास में फरवरी माह में 1060 करोड़ रुपए के राजस्व संग्रहण का यह अब तक का नया रेकार्ड है। फरवरी माह मेें निर्धारित एक हजार करोड़ रुपए से अधिक राजस्व संग्रहण के लक्ष्य को अर्जित करने पर विभागीय अधिकारियों की पीठ थपथपाई।
प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने बजट घोषणाओं के समयवद्ध क्रियान्वयन के लिए अभी से कार्ययोजना तैयार करने और अप्रेल से खनिज ब्लॉकों और प्लॉटों के ऑक्शन की आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुरानी संभी तरह की बकाया राशि और संभावित राशि की वसूली पर फोकस करने के निर्देश दिए। मार्च माह में खान विभाग के सभी कार्यालयों को अवकाश के दिन भी खुले रखने के निर्देश संयुक्त सचिव माइंस अरविन्द सारस्वत द्वारा जारी किये गये हैं।
निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा फरवरी माह के निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध अजमेर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, भीलवाड़ा, राजसमंद ने शतप्रतिशत से भी अधिक वसूली की है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मार्च माह के निर्धारित लक्ष्यों को पूरा कर लिया जाएगा।
बैठक में बकाया विधानसभा प्रश्नों के समय पर उत्तर तैयार कर भिजवाने, प्लॉट और ब्लॉक तैयार करने के कार्य में तेजी लाने, बजट घोषणाओं की क्रियान्विति की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने व संपर्क पोर्टल प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए।
बैठक में संयुक्त सचिव अरविन्द सारस्व्त, अतिरिक्त निदेशक मुख्यालय महेश माथुर, अतिरिक्त निदेशक जय गुरुबख्सानी, ओएसडी श्रीकृष्ण शर्मा, एसजी सुनील कुमार वर्मा, एसएमई जयपुर एनएस शक्तावत, प्रताप मीणा, भरतपुर सुनील शर्मा, एडीजी गोपालाराम, एसएन डोडिया, अधीक्षण भूवैज्ञानिक संजय सक्सैना, हरिसिंह नाथावत सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
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