गांव के समग्र विकास का मॉडल हो तैयार, आमजन के जीवनस्तर में सुधार का बनें माध्यम: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 

गांव के समग्र विकास का मॉडल हो तैयार, आमजन के जीवनस्तर में सुधार का बनें माध्यम: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 

गांवों व वार्डों के विकास का मास्टर प्लान, स्थानीय आकांक्षाएं होगी पूरी

अभियान को जन भागीदारी से जोड़कर बनाएं व्यापक

मुख्यमंत्री ने अभियान की वेबसाइट और वीडियो का किया लोकार्पण

19 मार्च से 15 मई तक संचालित होगा मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान

ग्राम सभाएं तथा शहरी वार्डों में वार्ड सभाएं होंगी आयोजित 

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राजस्थान दिवस के अवसर पर विकास को जनआंदोलन का रूप देने की बड़ी पहल करते हुए मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान का विधिवत शुभारम्भ किया।
 
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अभियान की वेबसाइट और वीडियो का लोकार्पण करते हुए कहा कि यह अभियान विकसित राजस्थान बनाने की दिशा में एक व्यापक जनआंदोलन की पहल है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत राज्य की सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय वार्डों के लिए स्थानीय आकांक्षाओं के अनुरूप विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांव से लेकर शहर के वार्डों तक विकास की नई पहल को व्यापक जन भागीदारी से जोड़ा जाए। इसे आमजन के जीवन में सुधार का व्यापक माध्यम बनाया जाए। 

स्थानीय स्तर पर रोजगार के बढ़ाएं अवसर

शर्मा ने कहा कि मास्टर प्लान में आधारभूत ढांचे के विकास के साथ-साथ स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक कौशल और रोजगार के अवसरों को ध्यान में रखा जाए ताकि गांवों में आबादी के संतुलन के साथ ही शहरों की ओर हो रहे पलायन को रोका जा सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव की स्थानीय खेती, वनस्पति, खनिज और पारंपरिक कला एवं उद्योगों की पहचान की जाए। कृषि आधारित क्षेत्रों में प्रोसेसिंग यूनिट, मंडी और वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे लोगों की आय में वृद्धि हो सके और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सके। 

20 मार्च को होगी पहली ग्राम सभा व वार्ड सभा

उल्लेखनीय है कि 19 मार्च से 15 मई तक संचालित होने वाले मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान के अंतर्गत 20 मार्च को ग्राम पंचायतों में पहली ग्राम सभा तथा सभी शहरी वार्डों में वार्ड सभा आयोजित की जाएंगी। जिसके माध्यम से अभियान की रूपरेखा के बारे में आमजन को अवगत कराया जाएगा। इसके पश्चात चरणबद्ध रूप से अन्य ग्राम एवं वार्ड सभाएं आयोजित की जाएंगी। पंचायत स्तरीय व वार्ड लेवल टीम द्वारा आमजन से चर्चा कर डेटाबेस तैयार किया जाएगा तथा विभिन्न धारकों व विभागों से चर्चा उपरांत ग्राम सभा व वार्ड सभाओं में मास्टर प्लान के कार्यों का अनुमोदन किया जाएगा। अभियान में साक्ष्य आधारित योजना निर्माण पर जोर देते हुए हर गांव और शहरी वार्ड की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जानकारी डायनामिक प्रोफाइल एवं जीआईएस आधारित बेस मैप तैयार किए जाएंगे। अभियान के क्रियान्वयन के लिए पोर्टल का उपयोग किया जाएगा।

प्रदेश में पहली बार प्रति व्यक्ति आय बढ़कर हुई 2 लाख रुपये से अधिक

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार युवा, महिला, किसान और गरीब के समग्र विकास को लेकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने अब तक सवा लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां देने, लखपति दीदी योजना में लगभग 16 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने एवं किसानों के लिए सम्मान निधि को बढ़ाने का काम किया है। राज्य सरकार के इन प्रयासों से प्रदेश में प्रतिव्यक्ति आय में बढ़ोतरी हुई है तथा प्रदेश में प्रतिव्यक्ति आय पहली बार 2 लाख रूपये से अधिक हुई है। 

गांवों की बने सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइल, युवा किसान एवं महिलाओं से करें संवाद

शर्मा ने कहा कि शिक्षा, चिकित्सा, सड़क, बिजली, पानी, रोजगार सहित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं का समावेश करते हुए प्रत्येक गांव की सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइल तैयार की जाए। इसके लिए जिला कलक्टर प्रत्येक गांव के किसान, युवा, महिलाओं से संवाद करें एवं सुझाव लें। उन्होंने कहा कि राजीविका एवं सहकारी समितियों की तर्ज पर स्थानीय स्तर पर समूह बनाए जाने के प्रयास किए जाए तथा ग्राम पंचायतों के कार्यों के लिए युवाओं की टीम बनाकर सुझाव लिए जाए।

स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप विकास को मिलेगा मूर्त रूप

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 की संकल्पना की गई है। इसी दिशा में हमारी सरकार ने विकसित राजस्थान 2047 के लिए विजन डॉक्यूमेंट जारी किया है तथा इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत स्तर एवं शहरी निकाय क्षेत्रों के विकास के लिए मास्टर प्लान बनाए जाने की घोषणा की। इसी क्रम में यह अभियान स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप विकास के रोडमैप को मूर्तरूप प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 30 मार्च 1949 को हिन्दू नववर्ष की चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को रेवती नक्षत्र इंद्रयोग में वृहद राजस्थान की स्थापना की थी। हमारी सरकार ने पिछले वर्ष उसी महान सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राजस्थान दिवस चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन मनाने का निश्चय किया। उन्होंने चैत्र नवरात्र, हिन्दू नववर्ष और राजस्थान दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज राजस्थान दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।
 
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि विकसित राजस्थान 2047 की दिशा में मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे विकसित राजस्थान और विकसित राष्ट्र का सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान का क्रियान्वयन ग्रामीण क्षेत्र में पंचायती राज विभाग द्वारा तथा शहरी क्षेत्र में स्वायत्त शासन विभाग द्वारा सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्राम एवं शहरी वार्ड के लिए तैयार किए जाने वाले मास्टर प्लान डायनामिक होगा, जिसमें अल्पावधि 2030, मध्यावधि 2035 एवं दीर्घावधि 2047 की आकांक्षाएं शामिल होंगी। 
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, विभिन्न जिलों से मंत्रिगण, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण वीसी के माध्यम से जुड़े।