नवा तरिया से संवर रही घुघरा की तस्वीर, जलसंरक्षण के साथ महिलाओं को मिलेगा रोजगार का साधन

नवा तरिया से संवर रही घुघरा की तस्वीर, जलसंरक्षण के साथ महिलाओं को मिलेगा रोजगार का साधन

रायपुर, रायपुर, कोरिया जिले के वनांचल क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत घुघरा की तस्वीर अब श्नवा तरिया आय के जरियाश् योजना से बदलने जा रही है। जनपद पंचायत सोनहत के घुघरा में मनरेगा के तहत नवीन तालाब निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है, जो जलसंरक्षण के साथ ग्रामीणों को स्थायी आजीविका का साधन भी देगा।

20 लाख की लागत से बन रहा जलसंरक्षण का आधार

वित्तीय वर्ष 2026 में प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद भूमिपूजन कर पिछले सप्ताह से निर्माण शुरू किया गया है। लगभग 20 लाख रुपए की लागत से बन रहे इस तालाब में 17 लाख 37 हजार रुपए श्रममूलक मद पर खर्च होंगे। ग्राम पंचायत घुघरा को ही निर्माण एजेंसी बनाया गया है।

निर्माणाधीन तालाब की लंबाई-चौड़ाई 70×70 मीटर होगी और कार्य पूर्ण होने पर इसकी जलभराव क्षमता 6300 घनमीटर से अधिक हो जाएगी। इससे आसपास के 3 हेक्टेयर क्षेत्र में बहुफसलीय सिंचाई संभव होगी। प्रस्तावित 6657 मानव दिवसों में से अब तक 500 मानव दिवस अकुशल श्रम का सृजन हो चुका है, जिससे ग्रामीणों को तत्काल रोजगार मिल रहा है।

ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से मिली रफ्तार

ग्राम पंचायत की सरपंच चंद्रवती गरूण और उपसरपंच रामभजन राजवाड़े ने बताया कि वरिष्ठ ग्रामीणों की सलाह और सहमति से ही स्थल का चयन किया गया। ग्रामीणों का प्रयास है कि बारिश शुरू होने से पहले निर्माण पूरा हो जाए, ताकि अधिकतम जल संग्रहण हो सके।

महिलाओं को मिलेगी आजीविका, बढ़ेगा मत्स्य उत्पादन

कार्यक्रम अधिकारी प्रतीक ने बताया कि तालाब बनने के बाद इसे स्थानीय महिला समूह को हस्तांतरित किया जाएगा। इससे महिलाओं की भागीदारी और आजीविका संवर्धन को बल मिलेगा। निर्धारित गहराई के अनुसार आने वाले वर्षों में तालाब में 10 से 15 क्विंटल तक मत्स्य उत्पादन संभव होगा, जिससे 16 परिवारों की आय में सीधी बढ़ोतरी होगी। राज्य शासन की इस पहल से घुघरा में न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी। जून माह के मध्य तक निर्माण पूरा होने की संभावना जताई गई है।