आस्था, अनुशासन और आधुनिक प्रबंधन का अद्भुत संगम बनेगा खाटूश्यामजी का फाल्गुनी मेला
राजस्थान पुलिस ने तैयार किया सुरक्षा और सुविधा का अभूतपूर्व खाका
जयपुर। राजस्थान के सीकर जिले में स्थित विश्वविख्यात तीर्थ खाटू श्याम जी मंदिर में 21 से 28 फरवरी तक आयोजित होने वाला फाल्गुनी मेला इस वर्ष आस्था, अनुशासन और आधुनिक प्रबंधन का अद्भुत संगम बनने जा रहा है। लगभग 35 लाख श्रद्धालुओं के आगमन के अनुमान के बीच पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार राजस्थान पुलिस, जिला प्रशासन और श्याम मंदिर कमेटी, खाटूश्याम धाम ने आपसी समन्वय से सुरक्षा, यातायात, दर्शन व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं, ताकि हर भक्त सुरक्षित, सहज और श्रद्धामय अनुभव के साथ बाबा के दरबार तक पहुंच सके। इस वर्ष की रणनीतियों में तकनीकी नवाचार और श्रद्धालुओं के प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है।
रिंगस से खाटू तक समर्पित पैदल कॉरिडोर
पदयात्रियों की परंपरा को सम्मान देते हुए रिंगस से खाटू तक 17 किलोमीटर लंबा विशेष पैदल कॉरिडोर तैयार किया गया है। यह पैदल मार्ग पूरी तरह वाहनों से मुक्त रहेगा और अनधिकृत प्रवेश पर सख्त रोक रहेगी। पूरे रास्ते में पेयजल, प्रकाश, शौचालय और विश्राम की सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जबकि पुलिस बल की सतत निगरानी से सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। यह कॉरिडोर न केवल भीड़ के सुव्यवस्थित प्रवाह को बनाए रखेगा, बल्कि पदयात्रा को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाएगा।
सुरक्षा कवच : 22 सेक्टर, 350 सब-सेक्टर और हाईटेक निगरानी
एडीजी लॉ एंड आॅर्डर वी.के.सिंह ने बताया कि मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दृष्टि से राजस्थान पुलिस ने पूरे क्षेत्र को 22 मुख्य सेक्टर और 350 सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है वहीं 5 हजार से अधिक पुलिस अधिकारियों व जवानों को तैनात किया गया है। प्रमुख बिंदुओं पर अतिरिक्त पुलिस जाब्ता, अस्थायी चौकियां और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। पूरे मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और केंद्रीकृत कंट्रोल रूम से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राजस्थान पुलिस के सोशल मीडिया यथा इंस्टाग्राम, फेसबुक व एक्स पर मेले से संबंधित समस्त प्रकार की सूचनाओं को प्रसारित किया जाएगा।
44 एलईडी स्क्रीन और QR कोड से मिलेगी सहायता
सीकर एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि मंदिर परिसर और प्रमुख प्रवेश द्वारों पर 44 डिजिटल एलईडी स्क्रीन स्थापित की गई हैं, जिन पर दर्शन की अनुमानित प्रतीक्षा अवधि, पार्किंग उपलब्धता, सुरक्षा निर्देश, आपातकालीन नंबर, आरती समय और मौसम अलर्ट प्रदर्शित होंगे। गुमशुदा व्यक्तियों और सामान की जानकारी भी लाइव प्रसारित की जाएगी। इसके साथ ही QR कोड आधारित मार्गदर्शन प्रणाली श्रद्धालुओं को आसान नेविगेशन में मदद करेगी।
12 पुलिस सहायता बूथ बनेंगे मददगार
पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार मेला परिसर में 12 स्थानों पर पुलिस सहायता बूथ स्थापित किए गए हैं जो कि आपस में लेंडलाइन फोन और वायरलेस सुविधायुक्त रहेंगे। यहां पर श्रद्धालुओं को किसी भी तरह समस्या होने पर त्वरित सहायता मिलेगी। यहां पर किसी के परिजन अथवा सामान के खोने या पाने की स्थिति में भी सूचना दी जा सकेगी। यहां नियुक्त कार्मिक श्रद्धालुओं की जरूरत के अनुसार सूचना संप्रेषण में मदद करेंगे।
रथ यात्रा पर विशेष मूवमेंट प्लान
मंदिर कमेटी द्वारा 27 फरवरी को प्रातः 10:30 बजे एकादशी के पावन अवसर पर भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी, जो मंदिर से प्रारंभ होकर प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर पहुंचेगी। संकीर्ण और संवेदनशील स्थानों पर विशेष बैरिकेडिंग, मजिस्ट्रेट तैनाती और अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है। भीड़ नियंत्रण के लिए पूर्व निर्धारित डायवर्जन योजना लागू रहेगी, ताकि श्रद्धा और सुरक्षा का संतुलन बना रहे।
25 हजार से अधिक वाहनों के लिए रंग-कोडेड नि:शुल्क पार्किंग
धाम पर प्रतिदिन पहुंचने वाले करीब 25 हजार से अधिक वाहनों की पार्किंग के लिए चार बड़े नि:शुल्क पार्किंग स्थल विकसित किए गए हैं, जिन्हें रंग-कोडेड जोन में विभाजित किया गया है। इसके तहत बावन बीघा पार्किंग को पीले रंग में, सांवलपुरा पार्किंग को हरा, लामिया रोड़ पार्किंग को नीला और दातारामगढ़ पार्किंग को गुलाबी रंग कोड दिया गया है और इनके क्यूआर कोड तैयार कर प्रसारित किए जा रहे हैं ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालु आसानी से अपने वाहन यहां पार्क कर सकें। इसके साथ ही इन चारो पार्किंग के उपर इन्हीं के कोड रंगों वाले बड़े बैलून लगाए जा रहे हैं ताकि दूर से ही श्रद्धालु इनकी दिशा को जान सकें।
25 रुपये में ई-रिक्शा पहुंचाएंगे बाबा के द्वार
पार्किंग से दर्शन स्थल तक आने-जाने के लिए 2000 ई-रिक्शा पास जारी किए गए हैं, जो मात्र 25 रुपये में श्रद्धालुओं को निर्धारित डाइवर्जन स्थल तक पहुंचाएंगे। इससे श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन के लिए ज्यादा पैदल चलना नहीं पड़ेगा वहीं इससे अनावश्यक जाम और अव्यवस्थित आवागमन पर भी नियंत्रण रहेगा। हर पार्किंग स्थल के लिए पार्किंग स्थलों की कोडिंग वाले रंगों के पास दिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को संबंधित पार्किंग वाले ई—रिक्शा पहचानने में आसानी हो।
हेल्पलाइन नंबरों पर मिलेगी त्वरित पुलिस सहायता
पुलिस उपाधीक्षक आनंद राव ने बताया कि श्रद्धालुओं की त्वरित पुलिस सुविधा मुहैया करवाने के लिए पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 के साथ ही एक मोबाइल नंबर 9667600788 भी उपलब्ध कराया गया है। मेले से संबंधित किसी भी प्रकार की पुलिस सहायता प्राप्त करने के लिए कोई भी व्यक्ति इन दोनों में से किसी भी नंबर पर संपर्क कर सकता है। उन्होंने बताया कि 24 घंटे सक्रिय रहने वाले हेल्पलाइन नंबरों का व्यापक प्रचार किया गया है।
डीजीपी के निर्देश पर नशामुक्ति और साइबर जागरूकता अभियान
राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि मेले के तीनों होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं को समय-समय पर नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाए। साथ ही साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि कानून व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मियों की सुविधाओं का खयाल रखा जाए और उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को समय-समय पर पुरस्कृत किया जाए।
अतिरिक्त जिगजैग मार्ग, फुट ब्रिज और होल्डिंग एरिया
श्रद्धालुओं के दबाव को कम करने के लिए मांगीलाल धर्मशाला से रूलानिया ढाणी होते हुए अतिरिक्त जिगजैग मार्ग बनाया गया है, जो लखदातार ग्राउंड से प्रवेश दिलाएगा। प्रमुख स्थलों पर फुट ब्रिज तैयार किए गए हैं। अत्यधिक श्रद्धालुओं की स्थिति में रींगस-खाटू रोड पर 40 बीघा के न्यू होल्डिंग एरिया में ब्लॉक बनाकर श्रद्धालुओं को सुरक्षित रूप से रोका जाएगा।
सड़क, रेल और हवाई मार्ग से सुगम पहुंच
देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पहुंच व्यवस्था स्पष्ट और सुलभ रखी गई है। निकटतम हवाई अड्डा जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित है। रेल मार्ग से रींगस जंक्शन महज 17 किलोमीटर और सीकर जंक्शन लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर है। जयपुर और सीकर से नियमित बस सेवाएं संचालित होंगी। साथ ही राजस्थान पुलिस के सोशल मीडिया यथा इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स इत्यादि पर रीयल-टाइम ट्रैफिक अपडेट की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी, जिससे यात्री अपनी यात्रा को बेहतर ढंग से नियोजित कर सकेंगे।
प्रवेश व निकास के अलग—अलग मार्ग
मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वाहनों के प्रवेश और निकास के अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं:
● जयपुर/रींगस मार्ग: छोटे वाहन शाहपुरा कट (NH-52) से मुख्य पार्किंग जाएंगे। रोडवेज और रुट की बसें हनुमान वाटिका (चौमू बाईपास) से बस स्टैंड पहुंचेंगी। निकास हनुमानपुरा तिराहा होते हुए मण्ढ़ा तिराहा पर होगा।
● सीकर/पलसाना मार्ग: वाहन सांवलपुरा पुलिया से किसान गौशाला पार्किंग पहुंचेंगे। इनका निकास अलोदा-गोवटी रोड की तरफ से होगा।
● नो व्हीकल जोन: खाटूश्यामजी कस्बा और रींगस रोड को पूर्णतः नो व्हीकल जोन घोषित किया गया है ताकि पैदल यात्रियों को परेशानी न हो।
डीजीपी की श्रद्धालुओं से अपील
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने खाटूश्याम जी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित मार्गों और पार्किंग जोन का पालन करें, अनुशासन बनाए रखें और राजस्थान पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने कहा है कि राजस्थान पुलिस का प्रयास होगा कि आपका अनुभव अच्छा रहे व यात्रा यादगार बनें।
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