प्रदेश के 296 शहरों में वेस्ट वाटर मैनेजमेंट के तहत कार्य किये जाएंगे: स्वायत्त शासन राज्य मंत्री

प्रदेश के 296 शहरों में वेस्ट वाटर मैनेजमेंट के तहत कार्य किये जाएंगे: स्वायत्त शासन राज्य मंत्री

जयपुर। स्वायत्त शासन राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश के बहुत से शहर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान्ट की स्थापना के लिए मापदण्ड पूरा नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि जहाजपुर सहित ऐसे 296 शहरों में वर्ष 2025-26 की बजट घोषणा के तहत वेस्ट वाटर मेनेजमेंट के व्यापक कार्य किए जाएंगे। जहाजपुर में वेस्ट वाटर को इकट्ठा कर पाइप लाइन के जरिये ट्रीटमेंट प्लान्ट तक लाया जाएगा तथा ठोस मानव अपशिष्ट को एफएसटीपी के माध्यम से शोधित किया जाएगा।

खर्रा ने आश्वस्त किया कि वित्त विभाग से स्वीकृति प्राप्त होते ही सभी शहरों में वेस्ट वाटर मेनेजमेंट के कार्य किये जाएंगे।

स्वायत्त शासन राज्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक गोपीचन्द मीणा द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्न का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि स्टेट सीवरेज एण्ड वेस्ट वाटर पॉलिसी 2025 के तहत किसी भी शहर में सीवरेज नेटवर्क के लिए वाटर सप्लाई 135 एलपीसीडी तथा जनसंख्या घनत्व कम से कम 100 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जहाजपुर में वाटर सप्लाई 135 एलपीसीडी से कम है तथा जन संख्या घनत्व भी तय मानक से कम है।

उन्होंने कहा कि जहाजपुर नगर पालिका क्षेत्र में गलत तरीके से जमीन की रजिस्ट्री कराए जाने के मामले में पट्टे को निरस्त किया जाएगा तथा दोषी अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।  

इससे पूर्व सदस्य मीणा द्वारा पूछे गए मूल सवाल के लिखित जवाब में स्वायत्त शासन राज्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में नगरीय निकायों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने प्रदेश में नगरीय निकायों में स्वीकृत एवं निर्माणाधीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का स्वीकृत राशि सहित विवरण सदन के पटल पर रखा। खर्रा ने कहा कि सरकार पीपीपी मॉडल पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट संचालन करने का विचार रखती है। उन्होंने इसका विवरण सदन के पटल पर रखा।