दवा ही नहीं बल्कि कुछ जड़ी बूटियों की मदद से भी हाई बीपी को कर सकते हैं कंट्रोल

दवा ही नहीं बल्कि कुछ जड़ी बूटियों की मदद से भी हाई बीपी को कर सकते हैं कंट्रोल

 

आजकल कम उम्र के लोग भी हाई ब्‍लड प्रेशर का शिकार होने लगे हैं। इसकी एक वजह तनाव भी है जो कि हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्‍सा बन गया है। तनाव, असंतुलित आहार, धूम्रपान, व्‍यायाम की कमी और अनुवांशिक कारणों से हाई बीपी की समस्‍या हो सकती है।
चूंकि, हाई बीपी के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं इसलिए इस स्थि‍ति को साइलेंट किलर भी कहा जाता है। हाई बीपी के कारण हार्ट अटैक, स्‍ट्रोक, डायबिटीज, हार्ट फेलियर, नजर कमजोर होने और मेटाबोलिक सिंड्रोम की प्रॉब्‍लम हो सकती है।
विशेषज्ञों की मानें तो जीवनशैली में कुछ सकारात्‍मक बदलावों और दवाओं की मदद से हाई ब्‍लड प्रेशर का इलाज किया जा सकता है।
इसके अलावा कुछ जड़ी-बूटियों की मदद से भी आप काफी हद तक हाई बीपी को कंट्रोल कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन जड़ी बूटियों के बारे में।

तुलसी
चूहों पर किए गए एक अध्‍ययन में सामने आया कि तुलसी का अर्क ब्‍लड प्रेशर को कम करता है। तुलसी में मौजूद इगुनोल रसायन रक्‍त वाहिकाओं को टाइट करने वाले कुछ तत्‍वों को ब्‍लॉक कर सकता है। इससे ब्‍लड प्रेशर कम होने लगते हैं। हालांकि, इस दिशा में अभी और अध्‍ययन किए जाने की जरूरत है।

दालचीनी
दालचीनी भी हाई ब्‍लड प्रेशर में फायदेमंद मानी जाती है। चूहों पर किए गए एक अध्‍ययन के मुताबिक दालचीनी का अर्क अचानक और लंबे समय से बढ़े हुए बीपी को कम कर सकता है। आप ओट्स या कॉफी आदि पर दालचीनी पाउडर बुरक कर ले सकते हैं।

इलायची
एक रिसर्च में 20 लोगों पर इलायची के प्रभाव की जांच की गई। इसमें पाया गया कि 12 हफ्ते तक दिन में दो बार 1.5 ग्राम इलायची पाउडर लेने से सभी प्रतिभागियों के ब्‍लड प्रेशर में गिरावट आई। आप सूप या किसी भी व्‍यंजन में इलायची के बीजों या पाउडर को डालकर इसका सेवन कर सकते हैं।

अलसी
अलसी ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होती है और कुछ अध्‍ययनों में इसके ब्‍लड प्रेशर कम करने का प्रभाव देखा गया है। हाल ही में एक स्‍टडी में बताया गया कि 12 हफ्ते तक रोज 30 से 50 ग्राम साबुत या पिसे हुए अलसी के बीजों के सेवन से हाई बीपी के मरीजों को काफी फायदा पहुंच सकता है। अलसी के बीज सीरम कोलेस्‍ट्रोल को कम कर, ग्‍लूकोज टोलरेंस में सुधार लाकर एथेरोस्‍केलेरोटिक कार्डियोवस्‍कुलर डिजीज को रोक सकते हैं।

लहसुन
लहसुन में भी नाइट्रिक ऑक्‍साइड होता है जिसमें ब्‍लड प्रेशर को कम करने की क्षमता होती है। ये तत्‍व रक्‍त वाहिकाओं को आराम देता है और उन्‍हें चौड़ा करता है। इससे रक्‍त प्रवाह बेहतर होता है और ब्‍लड प्रेशर में कमी आती है।

अदरक
अदरक में भी हाई बीपी को कंट्रोल करने के गुण होते हैं। पशुओं पर किए गए अध्‍ययनों में सामने आया है कि अदरक रक्‍त प्रवाह को बेहतर करने और रक्‍त वाहिकाओं के आसपास की मांसपेशियों काे आराम दिलाने में मदद करती है जिससे बीपी कम होने लगता है। आप अपने भोजन में बड़ी आसानी से अदरक को शामिल कर सकते हैं।

इन जड़ी बूटियों को अपने आहार में शामिल कर आप काफी हद तक हाई बीपी को कंट्रोल कर सकते हैं। वहीं स्‍वस्‍थ व्‍यक्‍ति भी इनके सेवन से हाई बीपी की बीमारी से बच सकते हैं।