हाथरस परिजनों का दर्द : नेताओं की लगी रहती थी लाइनें, लौटेने के बाद किसी ने नहीं किया फोन न पूछा हालचाल
हाथरस
हाथरस मामले की पीड़िता के परिवार को इस बात का भी दुख है कि पिछले एक माह से उनके यहां घर पर आने वालों की लाइन लगी थी, लेकिन यहां से जाने के बाद फोन पर किसी ने हाल नहीं जाना। पीड़िता के पिता व छोटे भाई ने रविवार को हुई बातचीत के दौरान कहा कि उनके पास किसी का फोन नहीं आया। राहुल , प्रियंका गांधी से लेकर दिग्गज वामपंथी नेताओं के साथ ही कई राजनीतिक दल के बड़े नेताओं का बूलगढ़ी में आगमन हुआ। परिवार का दुख दर्द बांटने आए। यहां आकर यह भी भरोसा दिया कि कभी भी मदद की जरूरत हो तो बताएं, लेकिन हकीकत ये है कि इस परिवार की सुधि इन लोगों ने नहीं लगी। रविवार की सुबह पीड़िता के पिता व छोटे भाई से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट इनकार किया किसी का हाल चाल लेने को फोन नहीं आया। उनसे जब पूछा गया कि राहुल गांधी का कोई फोन आया, तो भाई ने इंकार किया। आप सांसद संजय सिंह द्वारा पीड़िता के परिवार को दिल्ली स्थित अपने घर में रखने की पेशकश के मामले में नया मोड़ आ गया है। दरअसल, संजय सिंह ने शनिवार को ट्वीट किया था कि उन्होंने पीड़िता के चाचा से बात की है, लेकिन जब इस मामले में रविवार को पीड़ता के पिता से बात की गई तो उन्होंने आश्चर्य जताया और संजय सिंह को नहीं पहचान सके। जब उन्हें बताया गया कि उनके ऊपर यहां स्याही फेंकी गई थी तो उन्हें पहचाना। वहीं पीड़िता के पिता और भाई ने आश्चर्य जताया कि आखिर किस चाचा से संजय सिंह ने बात की। वहीं पीड़िता के भाई ने चाचा शब्द पर भी चौंक उठे। उन्हें खुद पता नहीं की किस चाचा से बात की हैं।
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