शामली में होने वाली किसान महापंचायत को प्रशासन ने नहीं दी मंजूरी 

शामली में होने वाली किसान महापंचायत को प्रशासन ने नहीं दी मंजूरी 

शामली
उत्तर प्रदेश के शामली में 5 फरवरी को होने वाली किसान महापंचायत  को जिला प्रशासन ने मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। एसडीएम शामली ने कई कारणों का हवाला देते हुए महापंचायत को निरस्त कर दिया है। प्रशासन के इस फैसले से आयोजकों में आक्रोश है। अब महापंचायत के आयोजक बिना अनुमति के ही पंचायत करने की बात कह रहे हैं। 

महापंचायत के आयोजक किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन और राष्ट्रीय लोकदल का कहना है कि प्रशासन की मंजूरी नहीं मिलने के बाद भी बैठक की जाएगी। बता दें, शामली में 4 फरवरी से लेकर 3 अप्रैल तक बड़े स्तर पर लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगाई गई है। जिला प्रशासन ने इसके लिए इस दौरान पड़ने वाले पर्व गुड फ्राइडे, महाशिवरात्री, होली का हवाला दिया है। किसानों के समर्थन में यूपी में पंचायतों के आयोजन की योजना केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का आज 71वां दिन है। दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसान अपना आंदोलन तेज करने की तैयारी में जुटे हैं। 

बुधवार को किसान महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि अब कृषि मंत्री या फिर किसी और मंत्री से बातचीत नहीं होगी, बल्‍कि अब प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को बातचीत के लिए आगे आना होगा। किसानों के समर्थन में कई राजनीतिक दल केंद्र सरकार के खि‍लाफ खड़े हैं। किसानों के समर्थम ने राष्ट्रीय लोकदल ने पूरे उत्तर प्रदेश में 5 फरवरी से 18 फरवरी तक कई पंचायतों का आयोजन कराने की योजना बनाई है। इसमें भारतीय किसान यूनियन भी उनके साथ है। 5 फरवरी को भैंसवाल गांव में किसान महापंचायत प्रस्‍तावित पांच फरवरी को शामली के भैंसवाल गांव में किसान महापंचायत का आयोजन क‍िया जाना था। एसडीएम शामली ने महापंचायत की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। अब आयोजक रालोद जिलाध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन का कहना है कि प्रशासन अनुमति दे या न दे, पंचायत हर हाल में की जाएगी। बता दें, इस महापंचायत में राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी को बतौर मुख्य अतिथि बुलावा भेजा गया है।

 रालोद जिलाध्यक्ष ने प्रशासन पर सत्‍ताधारी दल के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है। एसडीएम शामली संदीप कुमार ने कहा कि महापंचायत की अनुमति के लिए जांच रिपोर्ट में हजारों की संख्या में भीड़ एकत्र होने के कारण टकराव, उग्र प्रदर्शन और पथराव की आशंका व्यक्त करते हुए अनुमति को निरस्त किया गया हैं। जिला मजिस्ट्रेट जसजीत कौर ने त्योहारों का हवाला देते हुए शामली में धारा 144 लागू कर दी है, जो 3 अप्रैल तक रहेगी।