लाल किले में आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज हो देशद्रोह का मुकदमा : अयोध्या संत
अयोध्या
गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों की ट्रैक्टर रैली के बाद लाल किले में उपद्रव का अयोध्या के संतों ने विरोध किया है. संतों का कहना है कि लाल किले में उपद्रव करने वालों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए. साथ ही किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे किसान नेताओं के खिलाफ भी राष्ट्रद्रोह का केस दर्ज होना चाहिए.
संतों ने कहा कि किसान आंदोलन के नाम पर सत्ता विरोधी दल और देश विरोधी शक्तियां काम कर रही हैं और इन सब की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए. संतों ने बताया कि लाल किले पर तिरंगे का अपमान हुआ है और खालिस्तान का झंडा फहराया गया है. संतों ने मांग की है कि ऐसा काम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि किसान आंदोलन के नाम पर लाल किले पर हुए बवाल कि हम घनघोर निंदा करते हैं. महंत ने कहा कि प्रधानमंत्री से निवेदन है कि जिन लोगों ने लाल किले पर बवाल किया है उनके खिलाफ देशद्रोह की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए. क्योंकि देश की भावना लाल किले से जुड़ी हुई है. महंतों ने आंदोलनकारी नेताओं को घेरते हुए कहा कि वह लोग तब कहां गए थे जब लाल किले पर तिरंगे का अपमान हुआ.
संतों ने सरकार से मांग की है सभी उपद्रवियों के खिलाफ देशद्रोह के तहत मुकदमा पंजीकृत किया जाए. साथ ही खालिस्तान का झंडा लाल किले पर लहराने वाले को एक करोड़ रुपए का इनाम देने वाले बयान की जांच की जाए. तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने कहा कि दिल्ली में लाल किले पर प्रदर्शनकारियों ने जिस तरीके से हमला किया, नंगी तलवारें भांजी और प्रशासन पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया वह बहुत ही निंदनीय है. किसानों ने सैकड़ों पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया है.
संत परमहंस दास ने आंदोलनकारी किसानों को नकली किसान की संज्ञा दी है. उन्होंने कहा कि चीन, पाकिस्तान और आतंकियों के इशारे पर खालिस्तान समर्थक और सत्ता विरोधी पार्टियों के द्वारा यह प्रायोजित षड्यंत्र है. 26 जनवरी के दिन पूरे विश्व में देश का मजाक उड़ाया गया. इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारे देश की शान है और उपद्रवियों ने तिरंगे तक का अपमान किया है. ऐसे में पूरा देश इस पर इंसाफ चाहता है.
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