बुन्देलखण्ड में 38 हजार 598 करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं का काम जारी 

 भोपाल 
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जो अब तक कभी नहीं हुआ, वो हम कर दिखायेंगे। खेती और सिंचाई के मामले में हम मध्यप्रदेश को दुनिया का सर्वोत्तम राज्य बनायेंगे। बुन्देलखंड अंचल में वर्तमान में 38 हजार 598 करोड़ रूपये लागत की सिंचाई परियोजनायें चल रही हैं। इनका काम पूरा होने पर बुन्देलखण्ड अंचल के पांच जिलों के 25 लाख एकड़ भू-रकबे में सिंचाई होगी। मुख्यमंत्री चौहान सागर जिले के खुरई में लगभग 4 हजार करोड़ लागत की बीना नदी संयुक्त सिंचाई परियोजना के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। चौहान ने इस मौके पर परियोजना का ऑनलाइन ई-शिलान्यास किया। यह परियोजना पूर्ण होने पर खुरई, बीना एवं सुरखी विधानसभा क्षेत्र के 90 हजार हैक्टेयर रकबे में सूक्ष्म सिंचाई पद्धति से सिंचाई होगी। इस परियोजना के अंतर्गत करीब 21 मेगावाट जल-विद्युत का उत्पादन भी किया जायेगा। 


मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि "पर ड्राप-मोर क्रॉप" सिद्धांत के आधार पर मध्यप्रदेश में नई परियोजनायें मंजूर की जा रही हैं। इसमें नहर प्रणाली में भूमिगत पाईप लाइन बिछाकर उच्च दबाव पर जल प्रदाय कर सूक्ष्म सिंचाई पद्वति को अपनाया जा रहा है। दस बरस पहले तक प्रदेश में मात्र 7.50 लाख हेक्टेयर रकबे में सिंचाई होती थी, जो वर्ष 2017-18 में बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर तक हो गयी है। अगले पांच सालों में प्रदेश की 80 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचित कर दिया जायेगा। बुन्देलखण्ड में बण्डा, बाणसुजारा, पवई सिंचाई परियाजनाओं पर काम जारी है। केन-बेतवा लिंक परियोजना पर उत्तरप्रदेश से चर्चा चल रही है। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के हक का एक-एक बूंद पानी बुन्देलखण्ड को दिलाने की तैयारी चल रही है। क्षेत्र में प्रस्तावित अन्य सिंचाई परियोजनाओं का भी जल्द ही भूमि-पूजन किया जायेगा।  बीना नदी संयुक्त सिंचाई परियोजना की एजेन्सी तय कर दी गयी है। कॉन्ट्रैक्टर भी आ चुका है। अब इस परियोजना पर तेजी से काम पूरा किया जायेगा।  
चौहान ने कहा कि नीति, नीयत और नेतृत्व ठीक हो, तो विकास की राह निकल ही आती है। हमारी सरकार गांवों, गरीबों, किसानों, खेतों, खलिहानों और प्रदेश के हर नागरिक के चेहरे पर विकास की मुस्कान लाने के लिये कार्य कर रही है। सरकार ने गरीबों के लिये सभी द्वार खोल दिये हैं। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना में प्रदेश के हर गरीब के लिये रोटी, कपड़ा, मकान, पढ़ाई-लिखाई, दवाई से लेकर रोजगार तक की व्यवस्था हमने की है। 
गृह मंत्री भूपेन्द्रम सिंह ने कहा कि इस परियोजना में पाईप के माध्यम से पानी खेतों तक लाया जायेगा और ड्रिप पद्धति से सिंचाई होगी। सिंह ने कहा दो-तीन वर्ष के अंदर पूरे क्षेत्र में पानी पहुंच जायेगा। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव, सांसद लक्ष्मीनारायण यादव मौजूद थे।