उद्योगों के मामले में पश्चिमी यूपी को टक्कर दे रहे मध्य व पूर्वांचल के जिले

उद्योगों के मामले में पश्चिमी यूपी को टक्कर दे रहे मध्य व पूर्वांचल के जिले

 लखनऊ 
उद्योगों के मामले में पूर्वांचल भले ही पश्चिमी यूपी के मुकाबले काफी पीछे हो, लेकिन जब बात कारोबारी सुगमता की हो तो पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिले बराबरी का मुकाबला करते दिख रहे हैं। उसी तरह मध्य यूपी का रिकार्ड तो और भी बेहतर है। देश भर की रैंकिंग में नंबर दो पर आने वाले यूपी में अब निवेश व कारोबारी माहौल बनता दिख रहा है।

यूपी के जिलों की रैंकिंग में निगाह डालें तो इस साल कोरोना काल में मई,जून, जुलाई में उन्नाव व कौशाम्बी जिले अव्वल बने हुए हैं। उन्नाव श्रेणी ‘ए’ में व कौशाम्बी श्रेणी ‘बी’ में नंबर एक पर चल रहे हैं। जहां तक पश्चिमी यूपी के जिलों की बात है तो उसमें बुलंदशहर, गाजियाबाद, शाहजहांपुर व अलीगढ़ की स्थिति बेहतर है। बुंदेलखंड जिलों की स्थिति नाजुक है। 

राजधानी लखनऊ की हालत ठीक नहीं है। कारोबारी सुगमता के मामले में मई से जुलाई तक लगातार 15 वें नंबर पर बना हुआ है। रैंकिंग में बाटम पांच जिलों में जून महीने में मेरठ, कानपुर, फिरोजाबाद, सिद्धार्थनगर व फतेहपुर आए हैं। बी श्रेणी में कानपुर देहात, अमरोहा, महोबा, चित्रकूट व जालौन का  स्थान आया है।  जिलों की रैंकिंग उन्हें तय पैरामीटर पर मिलने वाले अंकों के आधार पर होती है।  इसमें कारोबारियों व उद्यमियों का तय समय में आवेदन का निस्तारण, शिकायतों का निपटारा व फीडबैक के आधार पर रैंकिंग तय की गई। यह काम निवेश मित्र पोर्टल के जरिए किया जाता है।