Corona: पेश की जा रही यूपी की तस्वीर, कहीं साजिश तो नहीं...

Corona: पेश की जा रही यूपी की तस्वीर, कहीं साजिश तो नहीं...
लखनऊ, इस समय देश की मीडिया में कोरोना को लेकर यूपी की जो भयावह तस्वीर पेश की जा रही है उससे ऐसा लगता है, कोविड से यूपी में बहुत ही विकराल स्थिती उत्पन्न होने वाली है, लेकिन यदि देखा जाए तो ऐसा नही है। यदि हम तथ्यों के आधार पर आंकलन करें तो सब अपने आप स्पष्ट हो जाता है।

तथ्यों पर गौर करें...

उत्तरप्रदेश (यूपी) को जनसंख्या के अनुसार चीन भारत अमेरिका तथा इंडोनेशिया के बाद दुनिया का पांचवा सबसे बड़ा देश कहा जा सकता है।
इस उत्तरप्रदेश (यूपी) में अबतक कोरोना वायरस से संक्रमण की दर 480 व्यक्ति प्रति लाख रही है। जबकि दिल्ली में यह दर यूपी से 8 गुना अधिक, 3880 व्यक्ति प्रति लाख। महाराष्ट्र में यूपी से लगभग 7 गुना अधिक, 3382 व्यक्ति प्रति लाख। छत्तीसगढ़ में यूपी से 4.7 गुना अधिक 2251 व्यक्ति प्रति लाख रही है।
एक और कसौटी...
उत्तरप्रदेश में कोरोना के कारण हुई मृत्यु दर 6 व्यक्ति प्रति लाख रही है जबकि दिल्ली में यह दर यूपी से 10 गुना अधिक, 61 व्यक्ति प्रति लाख। महाराष्ट्र में यूपी से लगभग 10 गुना अधिक 59 व्यक्ति प्रति लाख, छत्तीसगढ़ में यूपी से लगभग 5.5 गुना अधिक, 33 व्यक्ति प्रति लाख रही है।
लेकिन पिछले 20-25 दिनों या और पहले से न्यूजचैनल रोज सवेरे से रात 11 बजे तक हमको आपको यही समझा रहे हैं कि यूपी में सब तबाह बरबाद हो चुका है। यूपी में सारी चिकित्सा व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। यहां लाशों का ढेर लगा हुआ है। लोगों सड़कों पर दम तोड़ रहे हैं.... आदि आदि... न्यूजचैनलों के रिपोर्टर एंकर यूपी के शमशानों, कब्रिस्तानों में रात दिन चांडालों की तरह मंडरा रहे हैं।
लेकिन यही न्यूजचैनल यूपी से 8-10 गुना अधिक बरबादी तबाही अपने अपने राज्यों में करा चुके केजरीवाल  उद्दव ठाकरे के खिलाफ एक शब्द नहीं बोल रहे हैं। अपने विज्ञापन देवता केजरीवाल की आरती आंख बंद कर के उतार रहे हैं।
( सभी आंकड़ें 8 मैं के 8 बजे तक के हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।)
साभार