साईबर क्राइम पर अंकुश लगाने, संचार तंत्र को और अधिक करें सुदृढ़: पुलिस महानिदेशक

साईबर क्राइम पर अंकुश लगाने, संचार तंत्र को और अधिक करें सुदृढ़: पुलिस महानिदेशक

जयपुर। पुलिस मुख्यालय में गुरुवार को पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में साइबर क्राइम शाखा की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में साइबर अपराधों की रोकथाम, त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और त्वरित कार्यवाही की दृष्टि से साईबर क्राइम हेल्पलाइन सहित उपलब्ध संचार तंत्र को और अधिक सुदृढ़ कर पीड़ितों को त्वरित राहत देने के निर्देश दिए गए।   
बैठक के दौरान डीजीपी शर्मा ने कहा कि साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए उपलब्ध तंत्र को आई4सी (Indian Cyber Crime Coordination Centre) की तर्ज पर और अधिक सक्रिय व प्रभावी तरीके से काम करना शुरू करना चाहिए। उन्होंने आर4सी की एसओपी और मासिक समीक्षा के लिए बिंदु तय करने के साथ—साथ आवश्यकताओं यथा उपकरण व मानव संसाधन के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

जागरूकता कार्यक्रम चलावें

गत वर्ष चलाएं गए जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए डीजीपी शर्मा ने कहा कि तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग कर साइबर अपराधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए। उन्होंने साइबर अपराधों के प्रति जन—जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक दूसरे माह अलग—अलग प्रकार के अभियान संचालित करने के भी निर्देश दिए। 

मुख्यालय में अब 17 लाइनों से सुनी जाएगी पीड़ितों की समस्या

डीजीपी ने साइबर अपराध पीड़ितों को तुरंत राहत पहुंचाने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस मुख्यालय में संचालित हेल्पलाइन नंबर 1930 की लाइनों की संख्या तत्काल प्रभाव से 11 से बढ़ाकर 17 करने के आदेश दिए, साथ ही जरूरत के अनुसार इसकी संख्या और बढ़ाने का सुझाव भी दिया, ताकि पीड़ितों को समय पर सहायता मिल सके।
बैठक में डीजी संजय अग्रवाल, एडीजी वी.के.सिंह, डीआईजी कुंवर राष्ट्रदीप व विकास शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी साइबर अपराधों की रोकथाम और अनुसंधान प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
इस दौरान डीआईजी शांतनु सिंह ने साइबर क्राइम यूनिट के अंतर्गत संचालित विभिन्न शाखाओं, उनकी कार्यप्रणाली और अब तक की उपलब्धियों पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया।