राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट-2026 'एआई फॉर पब्लिक सर्विस डिलिवरी एंड गवर्नेन्स' पैनल डिस्कशन
जयपुर। जेईसीसी, सीतापुरा में आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट के अंतर्गत मंगलवार को राजस्थान रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस— 2026 का आयोजन हुआ। इस अवसर पर 'एआई फॉर पब्लिक सर्विस डिलिवरी एंड गवर्नेन्स' विषय पर आयोजित पैनल डिस्कशन में शासन में एआई के प्रभावी उपयोग पर चर्चा हुई।
सत्र का संचालन करते हुए डाटा ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय डाटा ने प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग के प्रमुख शासन सचिव दिनेश कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी और संचार आयुक्त हिमांशु गुप्ता एवं वाधवानी फाउंडेशन के सीईओ प्रकाश कुमार के साथ एआई के विविध पहलुओं पर चर्चा की। पैनलिस्ट्स ने कहा कि भविष्य के प्रशासनिक ढांचे को गति, प्रभाव और उपलब्धता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। एआई-संचालित प्रणालियां त्वरित निर्णय लेने, प्रभावी संचालन और चौबीस घंटे सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण साधन हैं।
सूचना प्रौद्योगिकी और संचार आयुक्त हिमांशु गुप्ता ने स्मार्ट परियोजनाओं के महत्व पर प्रकाश डाला, जो जन आधार जैसे मौजूदा सरकारी डेटाबेस का प्रभावी ढंग से उपयोग कर विभिन्न सेवाओं को स्वचालित रूप से क्रियान्वित कर सकती हैं। इससे मैनुअल मानवीय हस्तक्षेप कम हो सकता है, जिससे सेवा दक्षता में और सुधार आने की संभावना होगी।
विजन इंडिया@2047 और एआई की भूमिका
वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि इंडिया@2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना आवश्यक है। इसके लिए दक्षतावर्धन हेतु एआई अनिवार्य टूल बन गया है।
डेटा सुरक्षा और विश्ववसनीयता
सत्र के दौरान प्रशासन में एआई को अपनाने के लिए डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और विश्वसनीयता को मूलभूत आवश्यकता माना गया। वक्ताओं ने कहा कि सुरक्षित और भरोसेमंद एआई आमजन के विश्वास और सतत नवाचार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। एआई, आईटी के साथ मिलकर सरकारी प्रक्रियाओं की जटिलता को काफी हद तक कम कर सकता है, ई-गवर्नेंस को मजबूत कर सकता है और विभिन्न विभागों में प्रभावी प्रक्रिया स्वचालन को सक्षम बना सकता है।
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