बजट में रोजगार के अवसरों में वृद्धि और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का रोडमैप: उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री
प्रदेश में लॉजिस्टिक ईको-सिस्टम विकसित करने के लिए इनलैण्ड कंटेनर डिपो और मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब होंगे स्थापित
लघु उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए सभी संभाग मुख्यालयों पर प्लग एंड प्ले फैसिलिटी-के. के. विश्नोई
जयपुर। उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के. के. विश्नोई ने राज्य बजट 2026-27 को औद्योगिक विकास के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित करने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का रोडमैप बताया है। विश्नोई ने विधानसभा में बजट प्रस्तुत होने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस बजट से राज्य में नए लॉजिस्टिक हब की स्थापना, जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र के लिए 3,600 हेक्टेयर भूमि विकसित करने और रीको की डायरेक्ट अलॉटमेंट पॉलिसी को जारी रखने जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों से प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। साथ ही, सूक्ष्म और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है। इसमें वर्ष 2047 तक राज्य की जीडीपी को 4.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने का संकल्प तथा इसमें उद्योग एवं सेवाओं का योगदान जीडीपी के 80 प्रतिशत से अधिक का लक्ष्य रखा गया है और इस लक्ष्य को पूरा करने के उपाय बताए गए हैं जो डबल इंजन की सरकार लागू करेगी।
उद्योग राज्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पिछले 2 वर्षों में औद्योगिक विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय और नीतियां लागू की गई हैं। राइजिंग राजस्थान के तहत किए गए 35 लाख करोड़ रुपये में से 8 लाख करोड़ रुपये निवेश समझौते धरातल पर उतर गए हैं। इसके साथ ही, पिछले वर्ष हर दिन लगभग 8 उद्योगों को जमीन आवंटित की गई। साथ ही, औद्योगिक आधारभूत उन्नयन एवं विकास के लिए गत एक वर्ष में जो राशि खर्च की गई है, वो 50 वर्षों में सर्वाधिक है। निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए निवेशकों और उद्योगों के लिए सिंगल विंडो 2.0 प्लेटफॉर्म के तहत ‘एक आवेदन और एक डिजिटल ट्रैक’ के माध्यम से सभी विभागीय स्वीकृतियां देने की व्यवस्था की जाएगी। इस बजट में किए गए प्रावधानों से औद्योगिक विकास यह गति और मजबूत होगी। रिन्यूएबल एनर्जी, ई-व्हीकल, ग्रीन हाइड्रोजन एवं ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में युवाओं को आधुनिक कौशल प्रदान कर रोजगार से जोड़ने के लिए एनर्जी ट्रांजिशन स्किलिंग क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि राज्य में और नए लॉजिस्टिक हब विकसित किए जाने के लिए निजी क्षेत्र के सहयोग से इनलैण्ड कंटेनर डिपो और मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब आदि की स्थापना की जाएगी। साथ ही, सुगम और सरल निवेश के लिए रीको की डायरेक्ट अलॉटमेंट पॉलिसी आगामी दिसंबर तक जारी रखने की महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे तहत जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र के लिए लगभग 3,600 हेक्टेयर भूमि विकसित की जाएगी। प्रदेश में तीव्र औद्योगिक विकास के लिए धरमपुरा—बाड़मेर, मसूदा—ब्यावर, कन्याखेड़ी—भीलवाड़ा सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों एवं लॉजिस्टिक पार्क के पहुंच मार्गों के विकास के लिए 400 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि लघु एवं छोटे उद्यमियों को संबल प्रदान करने और उद्यम स्थापना संबंधी सुविधाएं सुलभ करने के लिए सभी संभाग मुख्यालयों पर प्लग एंड प्ले फैसिलिटी विकसित की जाएगी। इन कार्यों पर करीब 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत आगामी वर्ष में 30 हजार युवाओं को ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, राजस्थान एक जिला एक उत्पाद पॉलिसी-2024 के तहत चयनित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, विस्तार के लिए ऋण लेने वाली इकाईयों को भी 10 प्रतिशत मार्जिन मनी असिस्टेंस दिया जाएगा। राजस्थान फाउंडेशन के 14 नए चैप्टर भी शुरू करने की अहम घोषणा की गई है।
रीप्स-2024: कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग थ्रस्ट सेक्टर में होगा शामिल
राज्य बजट में राजस्थान निवेश प्रोत्साहन नीति-2024 (रिप्स-2024) में कई नए प्रावधान किए गए हैं। एक्सपोर्ट ओरिएंटेड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग रीप्स-2024 के तहत थ्रस्ट सेक्टर के रूप में शामिल किया जाएगा। आईएफएमएस तथा रीप्स पोर्टल का इंटीग्रेशन कर निवेशकों को देय वित्तीय प्रोत्साहनों की प्रक्रिया का पूर्णतः डिजिटलीकरण करने की घोषणा की गई है। टैक्सटाइल उद्योग को पेरोल सब्सिडी के रूप में एसेट क्रिएशन इंसेंटिव का एक अतिरिक्त विकल्प दिया जाएगा। इंटरेस्ट सबवेंशन का लाभ मैन्यूफैक्चरिंग के साथ-साथ सर्विस सेक्टर को भी दिया जाएगा। जीसीसी तथा वेयरहाउस एंड लॉजिस्टिक्स सेक्टर्स को भी रिप्स-2024 के तहत विस्तार के लाभ देय होंगे। नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों का मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित किए जाने के उद्देश्य से इंटीग्रेटेड सोलर सेल एंड मॉड्यूल निर्माण इकाईयों को रिप्स-2024 के तहत लाभ देय होगा।
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