उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 8.10 करोड़ की सिंचाई परियोजना नहर लाइनिंग कार्य का किया शुभारंभ

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 8.10 करोड़ की सिंचाई परियोजना नहर लाइनिंग कार्य का किया शुभारंभ

नहरों का होगा कायाकल्प, 6 गांवों के किसानों को मिलेगा सिंचाई लाभ

छीरपानी जलाशय से जुड़ी नहरों की लाइनिंग कार्य शुरू, खेती को मिलेगी नई मजबूती

उप मुख्यमंत्री ने सारंगपुर में 41 लाख रुपए की सीसी रोड और मेन चौक पर भव्य डोम निर्माण की घोषणा की

रायपुर, कबीरधाम जिले के बोड़ला क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की दिशा में लंबे समय से चली आ रही बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए उप मुख्यमंत्री और कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने ग्राम सारंगपुर पहुंचकर 8.10 करोड़ रुपए की लागत से बोड़ला विकासखंड अंतर्गत छीरपानी जलाशय से जुड़ी राम्हेपुर वितरक नहर एवं उससे संबद्ध माइनर नहरों के सी.सी. लाइनिंग कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया। यह महत्वाकांक्षी परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान साबित होगी। कार्य पूर्ण होने पर कुल 1540 एकड़ क्षेत्र में सुचारू सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी तथा 6 गांवों के 800 से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। नहरों के सुदृढ़ीकरण से जल का अपव्यय रुकेगा, अंतिम छोर तक पानी पहुंचेगा और खेती-किसानी को नई मजबूती मिलेगी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने सारंगपुर गांव के विकास के लिए 41 लाख रुपए की सीसी रोड निर्माण और गांव के मेन चौक में भव्य डोम निर्माण की घोषणा की। 

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भूमि पूजन के अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार गांव, गरीब और किसान को केंद्र में रखकर योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने कहा कि नहरों की लाइनिंग से पानी का अनावश्यक रिसाव रुकेगा, जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और नहरों के अंतिम छोर तक भी समान रूप से पानी पहुंच सकेगा। इससे न केवल फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिले। उन्होंने कहा कि नहर निर्माण कार्य से उनकी खेती को सीधा लाभ मिलेगा। आज से निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा रहा है, इसलिए गांव के लोग भी इसमें सक्रिय रूप से ध्यान दें और जनसहयोग से कार्य को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी विकास कार्य की सफलता में आमजन की भागीदारी सबसे अहम होती है। 

           उप मुख्यमंत्री शर्मा ने इस अवसर पर गांव में संचालित विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को आवास स्वीकृत किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने अपने वादे के अनुरूप गठन के साथ ही कैबिनेट की पहली बैठक में आवास योजना को स्वीकृति देकर इसे प्राथमिकता दी है। 

          उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को योजनाओं के तहत मिली राशि गांव में ही आसानी से मिल सके, इसके लिए ग्राम पंचायत भवन में डिजिटल सुविधा केंद्र संचालित किया जा रहा है, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष सुविधा मिल रही है। साथ ही महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 25 किस्तों में 25 हजार रुपए की राशि हितग्राहियों के खातों में अंतरित की जा चुकी है, जिससे महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिली है। इसके साथ ही सीएलएफ स्तर पर गांव में महतारी सदन का निर्माण भी किया जा रहा है। 

      उप मुख्यमंत्री शर्मा ने यह भी बताया कि स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को उनके संपत्ति अधिकार सुनिश्चित करने के लिए अधिकार पत्र तैयार किए जा रहे हैं, जिससे गांवों में पारदर्शिता और स्वामित्व की स्पष्टता बढ़ेगी। कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशी राम धुर्वे, जनपद उपाध्यक्ष नंद श्रीवास, राम किंकर वर्मा, मनीराम साहू सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।

1540 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का होगा विस्तार
       

वर्तमान में इन नहरों के माध्यम से लगभग 1045 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है। परियोजना पूर्ण होने के पश्चात सिंचाई क्षमता में 495 एकड़ की अतिरिक्त वृद्धि होगी, जिससे कुल 1540 एकड़ क्षेत्र में किसानों को नियमित एवं सुचारू रूप से खरीफ फसलों के लिए पानी मिल सकेगा। इससे क्षेत्र में कृषि उत्पादन को नई गति मिलने की उम्मीद है।

13.65 किलोमीटर लंबी नहरों का होगा कायाकल्प

परियोजना के अंतर्गत कुल लगभग 13.65 किलोमीटर लंबाई की नहरों का सी.सी. लाइनिंग एवं जीर्णोद्धार कार्य किया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से राम्हेपुर वितरक नहर (4650 मीटर), सिल्हाटी माइनर-1 (1230 मीटर), सिल्हाटी माइनर-2 (1680 मीटर), बघरा माइनर (780 मीटर) तथा राम्हेपुर टेल माइनर (दांयी एवं बांयी) कुल 5310 मीटर शामिल हैं। इसके साथ ही नहरों में आवश्यक पक्के संरचनाओं का पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्य भी किया जाएगा, जिससे नहरों की मजबूती और जल प्रवाह की क्षमता में वृद्धि होगी।

6 गांवों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

         इस योजना से मुख्य रूप से मानिकपुर, सिल्हाटी, बघर्रा, सारंगपुर कला, सिंधनुपरी एवं राम्हेपुर कला ग्रामों के किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। नहरों के सुदृढ़ीकरण से इन गांवों में जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी।