सैकड़ों कर्मचारियों के खाते में सालों से नहीं पहुंचे पीएफ के पैसे

सैकड़ों कर्मचारियों के खाते में सालों से नहीं पहुंचे पीएफ के पैसे

 गोंडा  
गोंडा नगरपालिका के सैकड़ों सामान्य और सफाई कर्मचारियों का पीएफ वर्षों से कर्मचारियों के खाते में नही पहुंच रहा। कटौती के बावजूद यह धनराशि कहां जा रही है, इसकी संक्षिप्त पड़ताल हुई तो प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए एक लिपिक और एक कार्यवाहक लिपिक को निलंबित कर दिया गया। अब निलंबित लिपिक सारे संबंधित अभिलेख दबाए बैठा है। सारी जोर आजमाइश के बाद पलिकाध्यक्ष के निर्देश पर ईओ ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। इस बीच निलंबित लिपिक के फरार हो जाने की खबरें भी फैलीं जिसे जिम्मेदारों ने अफवाह करार दिया है।

पीएफ मद के साढ़े तीन करोड़ गायब
 कर्मचारी संगठनों के नेता बार बार शिकायत कर रहे थे कि पीएफ कटौती की धनराशि उनके खातों में नही पहुंच रही। इसे लेकर पहले काफी दिनों तक अनसुनी की जाती रही। लेकिन जब ध्यान दिया गया तो चौकाने वाले तथ्य उजागर हो रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक साढ़े तीन करोड़ से ज्यादा की रकम गायब है। अब इस खुलासे के बाद पालिका में हड़कंप का माहौल है। लिपिक विपिन प्रकाश श्रीवास्तव और कार्यवाहक लिपिक अवधेश कुमार को इसी मामले में निलंबित किया जा चुका है।

पुलिस अधीक्षक से हस्तक्षेप की मांग
निलंबन की कार्रवाई के बाद पीएफ लेजर और पेंशन से संबंधित सारे अधूरे कार्यों को पूरा कराने के लिए पालिका के ईओ विकास सेन ने समस्त अभिलेख लिपिक से तलब किए थे। दो दिनों तक अभिलेख उपलब्ध नही कराया गया तो पालिका प्रशासन ने पुलिस की मदद मांगी है। ईओ विकास सेन ने बताया कि अध्यक्ष महोदया के निर्देश पर शुक्रवार देर शाम पुलिस अधीक्षक को इस संदर्भ में पत्र भेजा गया है।

एक निजी एकाउंट पर बार बार भेजी गई धनराशि
हालांकि इस प्रकरण की जांच और खुलासे होने शेष हैं लेकिन प्रथम दृष्टया अबतक पालिका के खाते से एक निजी बैंक एकाउंट में बार अच्छी खासी रकम का ट्रांसफर होना बताया जा रहा है। यह प्रक्रिया लगातार 2016 से चल रही है। चर्चा है कि अबतक साढ़े तीन करोड़ से ज्यादा ट्रांसफर हो चुके हैं। यह खाता निलंबित लिपिक के करीबी का बताया जा रहा है।

अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध
 पूरे प्रकरण में संबंधित पटलों समेत बिल लिपिक और डेटा एंट्री टीम के साथ साथ बैंक के कुछ कर्मचारियों के मिलीभगत के चर्चे हैं। कुछ कर्मचारी 'विड्राल' में हुए खेल की कहानियां भी सुनाते हैं जिसकी ओर देर सबेर जांच की आंच पहुंचने की संभावनाओं पर लोग चटखारे ले रहे हैं।