यूपी के एक जिले में काले रंग की बुलेट को ढूंढ़ने में जुटीं पुलिस की पांच टीमें
मेरठ बुलंदशहर
अमेरिका में पढ़ने वाली स्कॉलर सुदीक्षा भाटी की मौत के मामले में काले रंग की बुलेट मोटरसाइकिल वालों की तलाश में एसआईटी सहित बुलंदशहर पुलिस की पांच टीमें जुटी हैं। औरंगाबाद थाना पुलिस ने ऐसी करीब 25 बुलेट कब्जे में ले ली हैं। हादसे के आरोपी अभी पकड़ से दूर हैं। उधर, बुलंदशहर के डीएम-एसएसपी ने बुधवार को एक ज्वाइंट रिपोर्ट शासन और राष्ट्रीय महिला आयोग को भेज दी है। रिपोर्ट में इसे हादसा बताते हुए अन्य बिंदुओं पर जांच की बात कही गई है। दूसरी ओर, सुदीक्षा के पिता ने एफआईआर की धाराओं से असहमति जताते हुए परिवार सहित आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।
दावा: चाचा नहीं चला रहा था बाइक
प्रशासन की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सुदीक्षा का चाचा सतेंद्र भाटी हादसे के वक्त सुबह 9.17 बजे दादरी के गांव डेरी स्कनर में मौजूद थे। जबकि चाचा ने खुद के बाइक चलाने का बयान दिया है। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने अभी तक की जांच में छेड़छाड़ जैसी बात से इनकार किया है। डीएम रविंद्र कुमार ने कहा कि पुलिस अधिकारी मामले की निष्पक्ष जांच कर रहे हैं।
पिता की चेतावनी- सपरिवार कर लूंगा आत्महत्या
उधर, सुदीक्षा के पिता जितेंद्र भाटी एफआईआर में लगाई गई धाराओं से सहमत नहीं हैं। जितेंद्र ने बुधवार को चेतावनी देते हुए कहा कि बुलंदशहर के डीएम-एसएसपी अगर नाबालिग के वाहन चलाने वाले बयान को वापस नहीं लेंगे तो मैं अपनी पत्नी और पांच बच्चों सहित आत्महत्या कर लूंगगा।
यह था मामला
10 अगस्त की सुबह ग्रेटर नोएडा के डेरी स्कनर निवासी सुदीक्षा बाइक से बुलंदशहर में माधोगढ़ गांव स्थित रिश्तेदारी में जा रही थी। औरंगाबाद क्षेत्र में बुलेट मोटरसाइकिल में टक्कर लगने से उसकी मौत हो गई। परिजनों का कथित तौर पर आरोप था कि बुलेट वाले उससे छेड़खानी कर रहे थे। इसलिए यह हादसा हुआ। हालांकि एफआईआर में उन्होंने छेड़छाड़ का जिक्र नहीं किया है।
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