दया याचिका पर फैसले का इंतजार कर रहा शबनम का प्रेमी सलीम

दया याचिका पर फैसले का इंतजार कर रहा शबनम का प्रेमी सलीम

 प्रयागराज 
यूपी के प्रेमी युगल को एक ही परिवार के सात लोगों की हत्या के आरोप में फांसी देने की तैयारी चल रही है। बावनखेड़ी हत्याकांड की आरोपी शबनम देश की पहली महिला होगी जिसे फांसी के फंदे पर लटकाया जाएगा। शबनम की दया याचिका राष्ट्रपति के यहां से खारिज हो चुकी है। उसे फांसी देने के लिए मथुरा महिला कारागार में तैयारी चल रही है। शबनम के प्रेमी सलीम को दया याचिका पर राष्ट्रपति के फैसले का इंतजार है। पिछले तीन साल से सलीम नैनी सेंट्रल जेल में बंद है। 
   
हाई सिक्योरिटी सेल में बंद है सलीम
अमरोहा जिले के हसनपुर निवासी सलीम पुत्र अब्दुल रऊफ को 27 सितंबर 2018 को केन्द्रीय कारागार बरेली से नैनी जेल में लाया गया था। सलीम व शबनम को मार्च 2008 में हुई सात लोगों की हत्या के बाद गिरफ्तार किया गया था। सनसनी हत्याकांड के बाद सलीम और उसकी प्रेमिका शबनम को एक जून 2009 को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी। बताया जा रहा है कि दिल्ली की एक एनजीओ ने आरोपी सलीम को विधिक सहायता दी। वकील मुहैया कराया। फांसी की सजा कम करने के लिए हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंचा। जनवरी 2020 में सलीम की रिट सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट से मदद न मिलने पर प्रेमी युगल ने राष्ट्रपति के यहां दया याचिका दाखिल की। राष्ट्रपति ने शबनम की दया याचिका खारिज कर दी। वहीं सलीम की याचिका अभी लंबित है। सुप्रीम कोर्ट से केस खारिज होते ही सलीम को नैनी जेल में हाई सिक्योरिटी सेल में बंद कर दिया गया।  पीएन पांडेय, वरिष्ठ जेल अधीक्षक नैनी सेंट्रल जेल का कहना है कि  अमरोहा का सलीम नैनी सेंट्रल जेल में बंद है। उसे फांसी की सजा हुई है। सलीम की दया याचिका राष्ट्रपति के यहां लंबित है। कोर्ट के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।