भारत की रणनीतिक कारोबारी घेराबंदी से घबराया चीन

भारत की रणनीतिक कारोबारी घेराबंदी से घबराया चीन

बीजिंग
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने विदेशी कंपनियों के लिए अपने सेवा उद्योग को और खोलने की प्रतिबद्धता जताई है। चीन में अर्थव्यवस्था को महामारी पर नियंत्रण के गहन उपायों के साथ खोला जा रहा है। हालांकि, चीन के राष्ट्रपति ने  अपने संबोधन में इसका ब्योरा नहीं दिया, लेकिन चीन के नेता पर्यटन, खुदरा और अन्य सेवाओं के विकास पर जोर दे रहे हैं। चीन के नेता चाहते हैं कि निर्यात और निवेश के बजाय आर्थिक वृद्धि को उपभोक्ता खर्च के जरिये बढ़ाया जाए।

शी ने चीन की सेवाओं के व्यापार पर अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी को संबोधित करते हुए कहा, चीन सेवा उद्योगों के लिए बाजार पहुंच को उदार करेगा और उच्च गुणवत्ता वाली सेवाओं का सक्रियता से विस्तार करेगा। शी ने सम्मेलन केंद्र की वीडियो स्क्रीन पर आकर चीन के उद्योगपतियों तथा दूसरे देशों के गणमान्य लोगों को संबोधित किया। इस प्रदर्शनी में ज्यादातर कंपनियां इंटरनेट के जरिये ही भाग ले रही हैं क्योंकि चीन ने अभी विदेशियों के देश में आने पर अंकुशों में ढील नहीं दी है। इससे पहले दक्षिणी चीन में कैंटन व्यापार मेला जून में ऑनलाइन आयोजित किया गया था। इसे दुनिया का सबसे बड़ा बिक्री आयोजन माना जाता है।

उल्लेखनीय है कि कोरोना संकट के बीच भारत और दुनिया के अन्य देशों के साथ बढ़ती तनातनी के मद्देनजर चीन से कंपनियां बाजार जाने लगी हैं। जापान सहित कई देशों की कंपनियां भारत का रुख कर रही हैं। सूत्रों का कहना है कि चीन से निकल रही करीब एक हजार कंपनियां भारत आने की तैयारी में हैं। इनमें से करीब 300 कंपनियां भारत सरकार के साथ बातचीत के अंतिम चरण में हैं। सीमा पर बढ़ते तनाव के बाद भारत ने चीन की चौतरफा घेराबंदी की रणनीति अपनाई है जिसके तहत कारोबार और निवेश से लेकर अधिकतर क्षेत्रों में कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आकर्षक पेशकश की जा रही है। इससे चीन से कंपनियां भारतीय बाजार को ज्यादा तरजीह दे रही हैं।