सीएम भगवंत मान का बडा फैसला, पंजाब के सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता अब 8%
चंडीगढ, पंजाब सरकार ने शुक्रवार को राज्य के सरकारी कर्मचारियों को 8 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने का ऐलान किया। सरकार के इस फैसले के साथ लंबे समय से आंदोलन कर रहे कर्मचारी संगठनों की मांग पर निर्णय हो गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में कर्मचारी यूनियनों और सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब 90 मिनट तक बैठक हुई। बैठक के बाद सरकार की ओर से महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा की गई।
सरकार के फैसले का लाभ पंजाब के पेंशनरों को भी मिलेगा। उन्हें बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता दो चरणों में दिया जाएगा। सितंबर के वेतन/पेंशन में 4% बढ़ा हुआ DA मिलेगा, जबकि अक्टूबर के वेतन/पेंशन में अतिरिक्त 4% DA मिलेगा। इस तरह कुल 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू होगी।
काफी दिनों से आंदोलन पर थे कर्मचारी
DA की मांग को लेकर पंजाब के कर्मचारी संगठन लंबे समय से सरकार के समक्ष अपनी मांग उठा रहे थे और आंदोलन कर रहे थे। शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ हुई बैठक के बाद सरकार ने 8 प्रतिशत DA देने का फैसला किया। सरकार के इस निर्णय के बाद कर्मचारियों के आंदोलन के समाप्त होने का रास्ता साफ हो गया है।
सीएम के साथ बैठक के बाद हुआ फैसला
चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसके बाद कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कर्मचारियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में DA को लेकर सरकार के फैसले की जानकारी दी। अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद कर्मचारियों और सरकार के बीच बना गतिरोध टूट गया है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का अधिकार है और सरकार को कर्मचारियों की बात सुननी चाहिए।
अमन अरोड़ा के मुताबिक सरकार 8% DA देने पर सहमत हुई है। यह बढ़ोतरी 4-4% की दो किश्तों में जारी की जाएगी। इसके बाद पंजाब के सरकारी कर्मचारियों का DA 50% हो जाएगा। सरकार के मुताबिक इस 8% की बढ़ोतरी से सरकारी खजाने पर करीब ₹248 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। बैठक में कर्मचारियों की अन्य मांगों पर भी चर्चा हुई और आने वाले समय में सरकार तथा कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी। हालांकि, ताजा बैठक में घोषित 8% बढ़ोतरी को लेकर भुगतान की सटीक तारीख और किश्तों की अलग-अलग प्रभावी तारीख का विवरण सरकार की विस्तृत अधिसूचना से स्पष्ट होना बाकी है।
15 दिन बाद फिर होगी कर्मचारियों से बैठक
अमन अरोड़ा के मुताबिक करीब दो सप्ताह बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान कर्मचारियों के साथ दोबारा बैठक करेंगे। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच DA के अलावा अन्य लंबित मांगों पर भी बातचीत जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार और कर्मचारियों के बीच अदालतों तक पहुंचे विवादों को भी बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश की जाएगी। सरकार का कहना है कि लंबित मामलों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
पंजाब के सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स लंबे समय से लंबित DA और DR की किश्तों तथा एरियर के भुगतान की मांग कर रहे हैं। इस विवाद में छठे पंजाब पे कमीशन की सिफारिशें भी महत्वपूर्ण हैं। कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक पंजाब में DA/DR को केंद्रीय पैटर्न से जोड़ने और लंबित किश्तों के भुगतान को लेकर कर्मचारियों और सरकार के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की 3 अगस्त 2026 की डिवीजन बेंच के फैसले में राज्य सरकार और PSPCL को कर्मचारियों तथा पेंशनर्स की लंबित DA/DR किश्तें केंद्रीय सरकार के पैटर्न के अनुरूप जारी करने का निर्देश दिया गया था। अदालत ने इन्हें पंजाब में कार्यरत IAS, IPS और IFS अधिकारियों को मिलने वाली दरों के अनुरूप रखने की बात कही थी।
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